
भाजपा कार्यालय के बाहर हुए पथराव और मारपीट पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल ने कहा है कि भाजपा हिमाचल पुलिस को निष्पक्ष मानती है, लेकिन राज्य पुलिस के कुछ लोग जान-बूझकर पार्टी बन रहे हैं और भाजपा के खिलाफ कार्य कर रहे हैं।
पहले प्रदर्शन करना और उसके बाद हमला करना सोची-समझी साजिश रही है। इसे एक भिड़ंत के रूप में प्रचारित किया गया, जबकि यह एक हमला था। धूमल ने शुक्रवार को राज्यपाल को कांग्रेस सरकार बर्खास्त करने की मांग करते हुए ज्ञापन देने के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत की।
पार्टी अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती भी मौजूद थे। घटना के बाद पुलिस के 300 जवान एकाएक घटनास्थल पर आए। इससे पहले वहां उनकी उपस्थिति नहीं थी। आरोप लगाया कि सीआईडी के पांच, जिला सिक्योरिटी के चार और एक वीवीआईपी के पीएसओ भी वहां युकां कार्यकर्ताओं की मदद कर रहे थे। ऑफिस में तोड़-फोड़ का जायजा भी लिया।
