
रामपुर बुशहर। मुख्य बाजार रामपुर में एक दुकान में चोरी हो गई। चोर दुकान से 85 मोबाइल के अलावा 16 लैपटाप और 14 डिजिटल कैमरे उड़ा ले गए। चोरी हुए सामान की अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज करके तफ्तीश शुरू कर दी है।
चोरी मुख्य बाजार में स्थित विपुल सूद पुत्र रघुनंदन सूद की दुकान में हुई। सुबह नौ बजे के करीब जब मालिक ने दुकान खोली तो अंदर सामान अस्त-व्यस्त देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने पर अतिरिक्त थाना प्रभारी तिलक चंद के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया। दुकान से सैमसंग के 67, नोकिया के 18 मोबाइल के अलावा 14 डिजिटल कैमरे और सैमसंग के 16 लैपटाप गायब पाए गए। लेकिन, इनके डिब्बे और चार्जर दुकान में ही फेंके गए थे। चोर दुकान के अंदर कैसे घुसे, इस पर संशय बना हुआ है। क्योंकि, दुकान के बाहर लगे शटर में ताले सही सलामत पाए गए हैं। बहरहाल, पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है और तफ्तीश शुरू कर दी गई है। एसडीपीओ सुनील नेगी ने दुकान में चोरी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। चोरी का पता चलते ही शिमला, किन्नौर और कुल्लू जिले के सभी थानों को सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस वारदात को अंजाम देने वालों को जल्द से जल्द गिरफ्त में लेगी।
रामपुर में चोरी की तीसरी बड़ी वारदात
रामपुर बुशहर। मुख्य बाजार रामपुर में चोरी की यह चौथी बड़ी वारदात है। हर घटना में चोर हजारों-लाखों का सामान उड़ा कर दुकान मालिकों को चूना लगा गए। बावजूद इसके न तो व्यापारी जागरूक हो पाए और न ही पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। बाजार में कुछ साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगाने की पुलिस की योजना बनी थी, लेकिन अभी तक कैमरे लगे नहीं। इसी तरह बाजार में दुकानदारों ने भी अपने स्तर पर सीसीटीवी कैमरों की कोई व्यवस्था नहीं की है, जबकि कैमरे लगवाना आज की जरूरत बन गई है। यदि दुकानों में कैमरे लगे होंगे, तो पुलिस को आरोपियों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। बाजार में पुलिस की रात्रि गश्त बढ़ाने की भी आवश्यकता है। एसडीपीओ सुनील नेगी ने कहा कि व्यापारियों को कीमती सामान की सुरक्षा को दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए पुलिस लगातार प्रेरित कर रही है। बावजूद इसके व्यापारी जागरूक नहीं हुए हैं। इसके अलावा पुलिस ने हर व्यापारी से दुकानों में काम करने वाले लोगों का डाटा भी मांगा है। लोग बाजार में संदिग्ध हालत में घूमने वालों के बारे में भी पुलिस को सूचित कर सकते हैं। इस चोरी से पहले आरुषि काम्नयुकेशन और दुर्गा गारमेंटस में भी लाखों की चोरी हो चुकी है।
