लांस नायक मंगल सिंह 1971 की जंग में हुए थे लापता, 49 साल बाद मिली सलामती की खबर, पाक की जेल में कैद

लांस नायक मंगल सिंह 1971 की जंग में  हुए थे लापता, 49 साल बाद मिली सलामती की खबर, पाक की जेल में कैद

जालंधर (पंजाब)
पंजाब के जालंधर के दातार नगर की रहने वाली सत्या देवी के जीवन में 49 साल बाद रोशनी की किरण आई है, जब उन्हें राष्ट्रपति भवन व गृह मंत्रालय से पत्र मिला कि उनके पति लांस नायक मंगल सिंह पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद हैं। इतना ही नहीं 83 सैनिकों की सूची में मंगल सिंह का नाम है, जो पाक की जेल में हैं। 

सत्या देवी के पति मंगल सिंह 1971 की जंग में लापता हो गए थे और बाद में पाकिस्तानी सेना ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। उस वक्त मंगल की उम्र महज 27 साल थी। सत्या की गोद में दो बेटे थे। मंगल सिंह 1962 के आसपास भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। 1971 में लांस नायक मंगल सिंह को रांची से कोलकाता ट्रांसफर किया गया था और बांग्लादेश के मोर्चे पर उनकी ड्यूटी लग गई। 
कुछ दिन बाद सेना से टेलीग्राम आया कि बांग्लादेश में सैनिकों को ले जा रही एक नाव डूब गई और उसमें सवार मंगल सिंह समेत सभी सैनिक मारे गए। सत्या व मंगल सिंह के बेटे रिटायर फौजी दलजीत सिंह का कहना है कि उन्हें यकीन था कि उनके पिता पाकिस्तान में हैं। वह लगातार उन लोगों को मिलते आ रहे थे जो पाकिस्तान की जेलों से रिहा होकर लौट रहे थे।

 2012 में मेरठ के रफुद्दीन पाकिस्तान की कोट लखपत जेल से छूटकर आया तो उससे मुलाकात हुई। मुलाकात के बाद उसने खुलासा किया कि पाकिस्तान की जेल में लांस नायक मंगल सिंह बंद हैं। इसके बाद उनका यकीन सच में बदल गया। 2012 के बाद हर माह वह विदेश मंत्री, राष्ट्रपति और गृहमंत्री को पत्र लिखते रहे। 

आठ साल बाद पहली बार खत आया, जिसमें राष्ट्रपति ने कहा कि पाकिस्तान में 83 भारतीय सैनिक बंद हैं, जिसमें लांस नायक मंगल सिंह भी शामिल हैं। सत्या के साथ ही उनके दो बेटे भी 49 साल से अपने पिता मंगल सिंह की वापसी का इंतजार कर रहे हैं।

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