
नौहराधार (सिरमौर)। जिले के नौहराधार क्षेत्र के किसान इन दिनों लहसुन के सही दाम न मिलने से परेशान हैं। नौहराधार, चौरास, चाढ़ना, हरिपुरधार, गत्ताधार, संगड़ाह, लाना चेता, बोगधार और लाना पालर के किसानों ने करीब 10 हजार क्विंटल लहसुन अपने घरों में स्टोर करके रखा हुआ है। दाम में वृद्धि की आस लगाए बैठे किसानों ने राजगढ़ और सोलन की मंडियों में अभी तक मात्र 35 फीसदी लहसुन ही बेचा है। 15 दिन पहले लहसुन के दाम 50 से 55 रुपए थे, जोकि अब 30 से 35 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। जिससे किसानों में मायूसी छाई हुई है। क्षेत्र के किसान अतर सिंह, बिजेंद्र सिंह, पदम देव, ज्ञान सिंह, सुरेश, कमल चौहान, भारत भूषण और संजय चौहान ने बताया कि लहसुन के दामों में 20 से 25 रुपये तक की गिरावट आई है। उन्हें उम्मीद है कि महीने भर के भीतर इसमें अवश्य सुधार होगा। किसानों का कहना है कि खराब मौसम के चलते नमी के कारण उनका भंडार किया हुआ लहसुन खराब होने लगा है। जिसे लेकर वह काफी चिंतित हैं।
उधर, नौहराधार के आढ़ती जितेंद्र चौहान, सुरेंद्र फौजी, रविंद्र चौहान, यशपाल चौहान और अशोक पुंडीर का कहना है कि इस समय कुल्लू व कश्मीर का लहसुन चल रहा है। तमिलनाडु की मुख्य मंडी बंडुका पट्टी में यह लहसुन भारी मात्रा में उपलब्ध है। जब कुल्लू और कश्मीर का लहसुन कम होगा, उसके बाद ही दाम में वृद्धि हो सकती है।
