लघु उद्योगों के लिए आरक्षित हो सस्ते प्लाट

बद्दी (सोलन)। लघु उद्योग भारती प्रदेश इकाई ने उद्योग सचिव के समक्ष लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्योगों को विशेष रियायतें देने का मुद्दा उठाया है। संगठन के प्रदेश महासचिव एनपी कौशिक और प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद खन्ना ने उद्योग सचिव पीसी कपूर को एक ज्ञापन भी सौंपा है। प्रदेश महासचिव एनपी कौशिक ने कहा कि उद्योग विभाग द्वारा बसाए गए औद्योगिक क्षेत्रों के प्लाटों में छोटे उद्योगों को विशेष रियायतें मिलनी चाहिए और सौ किलोवाट का कनेक्शन बिना किसी आईडीसी चार्ज के उपलब्ध हो।
उन्होंने कहा कि लघु उद्योगों के लिए 25 फीसदी प्लाट आरक्षित होने चाहिए और उसका मूल्य भी बाजार रेट से कम हो। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश में एक बड़े इंजीनियरिंग उद्योग को लाने की भी वकालत की है, छोटे उद्यमियों को संजीवनी मिल सके। प्रदेश सरकार को कोई ऐसी व्यवस्था करे जिसके तहत एमएसएमई उद्योगों को कृषि की तर्ज पर लोन मिले, मौजूदा समय में बैंक की ज्यादा ब्याज दरों से उनको काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रदेश महासचिव ने यह भी मांग उठाई कि छोटे उद्योगों को पीक लोड की शर्त से बाहर रखा जाए वहीं लघु उद्योगों पर सिंगल प्वाइंट 5 करोड़ टर्नओवर के दायरे में लाया जाए।
प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम बिंदल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में जगह कम होने के कारण मल्टीस्टोरी भवन निर्माण की इजाजत दी जाए। लीज होल्ड प्लाटों को अन्य राज्यों की तर्ज पर फ्री होल्ड करने के लिए भी संगठन ने उद्योग सचिव से आग्रह किया। उद्योग सचिव पीसी कपूर ने सभी मुद्दों से ध्यान से सुनने के बाद कहा कि इस पर एक-एक करके विचार किया जाएगा और जो मांगे जायज होंगी उनको शीघ्र ही पूरा कर दिया जाएगा। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के प्रदेश कोष अध्यक्ष बलराम अग्रवाल, प्रदेश संरक्षक अमीर सिंह अरोड़ा, विक्रम बिंदल, संजीव शर्मा, दून इकाई के प्रधान राजीव कंसल, रणेश राणा, कोषाध्यक्ष अमर चंद शक्ति, अनिल मलिक, जितेंद्र दुआ सहित कई सदस्य मौजूद रहे।

Related posts