
धारचूला। आपदाग्रस्त धारचूला क्षेत्र में लोगों को चौतरफा दुश्वारी झेलनी पड़ रही है। लोगों को भी तमाम तरह की परेशानी का सामना तो पहले से ही करना पड़ रहा था, मगर अब रसोई गैस किल्लत ने नई फजीहत पैदा कर दी है। यहां के लोगों को रसोई गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोगों को लकड़ी के चूल्हे की शरण में जाने को मजबूर होना पड़ा है।
धारचूला नगर में ही 3000 से अधिक रसोई गैस उपभोक्ता हैं। जो कुमाऊं मंडल विकास निगम के इंडेन गैस वितरण केंद्र से सिलेंडर लेते हैं। लेकिन यहां 16 जून के बाद से रसोई सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पाया है। रोड कटने से ये नौबत आई है। मगर लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि केएमवीएन ने कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। गैस सिलेंडर नहीं मिलने से लोग लकड़ी के लिए भटकने को मजबूर हुए हैं।
एसडीएम प्रमोद कुमार का कहना है कि रोड खुलने के बाद ही गैस की आपूर्ति सुचारू हो सकेगी। फिलहाल उन्होंने यहां से 7 किमी दूर कालिका जाकर रसोई गैस लाने का विकल्प सुझाया है। लेकिन नागरिकों का कहना है कि वहां से गैस लाने में भी दो किमी पैदल आना होगा। जो लोगों के लिए भारी दुश्वारी का सबब है। नागरिक अब इसे लेकर केएमवीएन के एमडी से मुलाकात करेंगे।
