
शिमला। हिमाचल में ग्रामीण सड़कों के टेंडर आवंटित करने की लंबी प्रक्रिया पर केंद्र सरकार ने नाराजगी जाहिर की है। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग के इस प्रक्रिया की अवधि को घटाने के निर्देश जारी किए हैं। ग्रामीण सड़कों के टेंडर देने की प्रक्रिया पूरा करने में केंद्र के मुताबिक 120 दिन का समय लग रहा है। इसे कम करने के लिए केंद्र ने प्रदेश सरकार को कहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी ने इसको लेकर लोक निर्माण विभाग के सचिव को पत्र भेजा है। इसमें उन्हें केंद्र से काम मंजूर होते ही आवंटन प्रक्रिया को शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए यदि संभव हो तो दो ब्लाक का एक कलस्टर बना कर एक साथ ही टेंडर लगाने के निर्देश भी जारी किए हैं।
केंद्रीय एजेंसी की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि काम आवंटन की प्रक्रिया लंबी होने से लागत पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। इसके साथ ही लोगों को मंजूरी के बावजूद जल्द सड़क सुविधा नहीं मिल पा रही है। कर्नाटक और गुजरात ने 15 से 20 दिन टेंडर प्रक्रिया में कम किए हैं। इसी आधार पर सभी को निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें टेंडर प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए प्रधान सचिव और विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। काम करने वाली एजेंसियों को आकर्षित करने के लिए पैकेज तैयार करना चाहिए। इससे काम वर्तमान के मुकाबले जल्द आवंटित किए जा सकेंगे। इससे राज्यों को ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए मिलने वाले लक्ष्य को हासिल करने में काफी मदद मिलेगी। राष्ट्रीय ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी ने पत्र संख्या पी-17029/2/2011-9-1 से प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजा है।
