
मनाली। 38 सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल योगेश नायर ने कहा कि रोहतांग दर्रे पर इस बार 27 साल बाद रिकार्ड बर्फबारी हुई है। उन्होंने बताया कि बीआरओ ने रोहतांग को एक मई को यातायात के लिए बहाल किया है।
उन्होंने कहा कि 27 वर्ष पूर्व इतनी बर्फ होने पर मार्ग जून के दूसरे और तीसरे सप्ताह में यातायात के लिए बहाल किया जाता था। इस वर्ष मार्च और अप्रैल में लगातार भारी हिमपात होता रहा। इसके चलते सीमा सड़क संगठन के जवानों को सात बार जीरो प्वाइंट से बर्फ हटाने का कार्य आरंभ करना पड़ा। उन्होंने कहा कई बार जीरो प्वाइंट से मीलों बर्फ हटाने पर फिर से बर्फ गिरने से पीछे आ कर नए सिरे से बर्फ को हटाना पड़ा है। इस साल 13050 फुट ऊंचे रोहतांग टॉप से 60 फुट तक बर्फ की मोटी परत को हटाया गया, जो बीते 27 सालों तक कभी नहीं हुआ है। नायर ने कहा कि सीमा सड़क संगठन के जवान किसी भी परिस्थिति में हार नहीं मानते और अपनी जान जोखिम में डाल कर देश के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि दर्रा पर 60 फुट ऊंची बर्फ की दीवार को हटाकर रास्ता बनाना एक बहुत बड़ी चुनौती है। उनके जवानों के जज्बे और हिम्मत ने भारी बर्फ बारी और शून्य से नीचे के तापमान रहने पर भी एक मई को रोहतांग पर यातायात बहाल कर एक नया रिकार्ड कायम किया है।
