रोहतांग दर्रे की बहाली में जुटे जवान

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। सामरिक महता के मनाली-लेह मार्ग पर रोहतांग दर्रे की बहाली में जुटे बीआरओ के हौसले बुलंद हैं। रास्ते में खड़ी 20 से 25 फुट बर्फ की दीवार का सीना चीरते हुए बीआरओ चुंबक मोड़ के समीप पहुंच गया है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जल्द सड़क बहाली को लेकर वहां कार्य कर रहे जवानों को शून्य से नीचे चल रहे माइनस तापमान की भी परवाह नहीं है। बीआरओ के अधिकारियों की मानें तो चुंबक मोड़ से ब्यास नाला के बीच बर्फ की मोटी दीवारें उनकी परेशानियों को बढ़ा सकती हैं। अधिकारियों ने दावा किया है कि मौसम ने साथ दिया तो एक सप्ताह के भीतर पर्यटक स्थल राहलाफाल को बहाल कर देंगे। लाहौल-मनाली दोनों छोर से रोहतांग दर्रे की ओर कू च कर चुके जवान भारी बर्फ से जंग लड़ रहे हैं। लाहौल की ओर से सीमा सड़क संगठन के जवान सिस्सू नर्सरी से आगे बर्फ हटाने के कार्य में जुटे हैं। वहीं, मनाली की ओर से चुंबक मोड़ के करीब पहुंच गए हैं। हालांकि, 15 दिन पूर्व ही सीमा सड़क संगठन के जवान कोकसर को छूने वाले थे कि मौसम ने उन्हें ऐसा झटका दिया कि पुन: उन्हें नए सिरे से बर्फ हटाने के कार्यों में जूझना पड़ा। सीमा सड़क संगठन के कमांडिंग अफसर एसके एंथोनी ने बताया कि लाहौल की ओर से उनके जवान सिस्सू नर्सरी से आगे बढ़ गए हैं। उन्होंने बताया कि रोहतांग बहाली में मौसम साथ नहीं दे रहा है अन्यथा बीआरओ इस समय कोकसर से आगे रोहतांग चढ़ाई को निकल पड़ता। उन्होंने बताया कि मार्च की बर्फबारी ने बीआरओ के जवानों को बर्फ हटाओ अभियान मेें काफी मुश्किलों में रखा फिर भी जवानों के हौसले बुलंद हैं।

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