रोहतांग दर्रा छोटे वाहनों को फिर बहाल

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। समुद्र तल से 13050 फुट ऊंचे रोहतांग दर्रा एक बार फिर छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया है। दर्रा बहाल करने में सीमा सड़क संगठन के जवानों को कड़ाके की ठंड के बीच खूब पसीना बहाना पड़ रहा है। दर्रे के बहाल होने से रोहतांग के आरपार लाहौल-कुल्लू में फंसे लोग टैक्सियों के माध्यम से अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
सोमवार को दर्रा से नौ टैक्सी आरपार हुई। हालांकि रोहतांग टाप का तापमान शून्य से 20 डिग्री नीचे चल रहा है। सड़कें जाम होने के बावजूद लोग दर्रा बहाल होने से राहत महसूस कर रहे हैं। लाहौल-पांगी के लिए हेलीकाप्टर सेवा शुरू नहीं होने से जरूरत मंद लोगों को मजबूरन जान जोखिम में डालकर घाटी से बाहर निकलने के लिए दर्रा पार करना होगा। सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों का कहना है कि बर्फीली हवाओं के चलते सड़क से बर्फ हटाना मुश्किल हो गया है।
कोकसर में तैनात बचाव दल के प्रभारी लुदर सिंह ने रोहतांग दर्रा बहाल होने की पुष्टि की है। बताया कि दर्रा बहाल होने के साथ ही नौ टैक्सी सवारियों को लेकर दर्रे के आरपार हुई। रोहतांग दर्रा लांघने वाले टैक्सी चालकों और सवारियों को 12 बजे से पहले कोकसर और मढ़ी बचाव चौकियों में नाम पता तथा पंजीकरण के बाद ही आगे भेजा जाएगा। डीसी लाहौल-स्पीति एसएस गुलेरिया ने कहा कि रोहतांग दर्रा लांघने वाले यात्री मौसम देखकर ही दर्रा लांघे।

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