
रोहडू। रोहडू उपमंडल के दलगांव निवासी दिग्विजय बांश्टू भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। यह उपलब्धि हासिल कर दिग्विजय ने अपने गांव के साथ-साथ रोहडू का भी नाम रोशन किया है। बेटे की इस उपलब्धि से दिग्विजय के माता-पिता और दलगांव वासी काफी उत्साहित हैं।
दलगांव के दिग्विजय बांश्टू की प्रारंभिक शिक्षा राजकीय उच्च स्कूल कुटाड़ा से हुई। उसके बाद उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल संजौली से जमा एक और जमा दो की शिक्षा प्राप्त की। दिग्विजय की रुचि शुरू से ही आर्मी आफिसर बनने की थी। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। सर्विस सेलेक्शन बोर्ड इलाहाबाद से चयनित होने के बाद आर्मी कैंट कालेज देहरादून में तीन वर्ष तक प्रशिक्षण प्राप्त किया। देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में हुई पासिंग आउट परेड में लेफ्टिनेंट बनने के बाद दिग्विजय का सपना पूरा हुआ। साथ ही दिग्विजय के पिता दलीप बांश्टू और माता उर्मिला बांश्टू भी बेटे की उपलब्धि से उत्साहित हैं। माता पिता का कहना है कि दिग्विजय शुरू से ही आर्मी आफिसर बनकर देश सेवा करना चाहता था। दिग्विजय के आर्मी आफिसर बनने के बाद सभी सपने पूरे हो गए हैं। वहीं, दिग्विजय ने बताया कि उनकी उपलब्धि में माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान है। माता-पिता ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और सहयोग किया है। वे अपनी प्रेरणा का स्रोत कर्नल कुलदीप सिंह बांश्टू को मानते हैं। उन्होंने बताया कि लेफ्टिनेंट के रूप में उनकी पहली नियुक्ति दिल्ली में 27 मद्रास रेजिमेंट में हुई है।
