
सरकाघाट (मंडी)। उपमंडल की रोसो खड्ड पर डेढ़ दशक बाद भी पुल नहीं बन पाया। लाखों खर्च कर बनाई गई सड़क महीनाे से बंद पड़ी है। लोगाे के लिए समस्या आज भी वैसी की वैसी है। थोड़ी सी बारिश हुई नहीं की सड़क पर यातायात ठप। लोगाे को भारी परेशानी के दौर से गुजरना पड़ रहा है। सधोट पंचायत के रोसो गांव को बारह माह यातायात से जोड़े रखने के लिए इस पुल की सख्त दरकार है। इसका निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
पुल का शिलान्यास 1998 में और बाद में 17 मई 2008 को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने किया था। पहले तो पुल के कार्य पर कोई सुनवाई नहीं हुई। 2008 को शिलान्यास के बाद विभाग द्वारा एक वर्ष में पुल को तैयार करने की बात कही गई। इसके बाद कार्य शुरू हुआ लेकिन ठेकेदार ने बीच में ही काम छोड़ दिया। इसकी वजह से सरकाघाट-खौदा वाया रोसो सड़क आज तक नहीं जुड़ पाई। कौहण, रोसो, रंधोड़, मोरतन, बाहरू, खौदा, चंदरैर, बांदल, ग्रयोह और झड़ियार गांवों के लोग इस कारण परेशानी झेल रहे हैं। गांव को जोड़ने वाली सड़क पांच माह से बंद पड़ी है। लोगाे को न तो यातायात और न ही अन्य सुविधाएं मिल पा रही हैं। क्षेत्र के रघुवीर ठाकुर, जैशी राम, आत्मा राम, सुरेश शर्मा, सधोट पंचायत उपप्रधान कुलदीप ठाकुर और पूर्व उपप्रधान धर्म सिंह ने पुल के अधर मे लटके कार्य और सड़क बंद होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
शीघ्र पूरा होगा पुल का कार्य
लोनिवि के अधिशासी अभियंता अनिल संगराय ने कहा कि पुल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। सड़क को दो-तीन दिन के अंदर बहाल कर दिया जाएगा।
