
बिलासपुर। भाखड़ा विस्थापितों की बहुलता वाले बिलासपुर शहर में आखिर स्ट्रीट लाइटें बहाल हो गई है। आठ दिन तक अंधेरा झेलने के बाद शुक्रवार को फिर बिलासपुर रोशनी से जगमगा उठा। इससे स्थानीय लोगों समेत नगर परिषद ने भी राहत की सांस ली है। राज्य सरकार ने बिजली बोर्ड के बिल के रूप में फंसी रकम भर दी है।
नगर परिषद बिलासपुर की लगभग 1.31 लाख रुपये की बिजली बोर्ड की देनदारी थी। बिजली का बिल लंबे अरसे से जमा नहीं हुआ। मामला न्यायालय पहुंचा तो बोर्ड को उगाही के लिए कदम उठाने के निर्देश मिले। इसके लिए बोर्ड ने शहर की लगभग 1200 स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन चार जुलाई को काट दिए। इसके कारण पूरो शहर अंधेरे में डूब गया। चोरी की घटनाओं को लेकर लोग आशंकित हुए। खैर, अब बिजली बहाल कर दी गई है। शुक्रवार से स्ट्रीट लाइटों का कनेक्शन बिजली बोर्ड ने जोड़ दिया। बोर्ड के अधिशासी अभियंता ओपी चंदेल ने बताया कि सरकार ने बोर्ड के मुख्य कार्यालय में ही बिल की रकम जमा कर दी है। आला अधिकारियों से मिले निर्देश के बाद शहर के बिजली कनेक्शन को पुन: जोड़ दिया गया है। नगर परिषद के पार्षद रच्छपाल सिंह ने इसक लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का आभार प्रकट किया है। नगर परिषद के अलावा विधायक बंबर ठाकुर ने भी मुख्यमंत्री से राहत दिलाने के लिए आग्रह किया था। विस्थापन का दंश झेल रही बिलासपुर की जनता को सरकार ने एक बड़ी राहत प्रदान कर दी है। सरकार ने बिजली बिलों का बकाया भुगतान जमा करवाकर अंधेरे में डूबे शहर को रोशन कर दिया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री ओर विधायक का आभार प्रकट यिका है। उधर, नगर परिषद की अध्यक्ष रजनी शर्मा ने भी कनेक्शन बहाली के लिए मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया है। विधायक बंबर ठाकुर ने कहा कि सीएम ने लोगों का दर्द समझा है। इसके लिए वह उनके आभारी रहेंगे।
