
नगवाईं (मंडी)। जिले के नगवाईं के समीप बुधवार को हुए दर्दनाक बस हादसे से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी। हादसे की खबर सुनते ही लोग आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। ब्यास नदी के बीच में गिरी बस को देख कर लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। घटनास्थल पर परिजनों के रोते बिलखते देख कर माहौल गमगीन हो गया। किसी को भी पता नहीं लग पा रहा था कि उनके परिजन जिंदा हैं या नहीं। सभी की नजर ब्यास नदी में गिरी बस के ऊपर ही टिकी थी।
बुधवार का दिन कई लोगों के लिए काल बन कर आया। कुल्लू से आनी जा रही अशोका ट्रैवर्ल्स की बस ओवर स्पीड व तेज रफ्तार के कारण जगोणी माता मंदिर के पास सीधे ब्यास नदी में जा गिरी। बस हादसे की भनक लगते ही औट, नगवाईं, भुंतर, कुल्लू व आसपास क्षेत्रों से लोग भारी संख्या में मौके पर पहुंचे। वहीं ब्यास नदी में राफ्टिंग करने वालों ने भी बचाव कार्य में काफी तत्परता दिखाई। इस हादसे में कई लोग अपनों से हमेशा से बिछुड़ गए। घटनास्थल पर रोते बिलखते पहुंचे परिजन अपनों की तलाश कर रहे थे। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगवाईं भी घायलों के परिजनों को तांता लगा रहा।
मौके पर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। उन्हें यह पता नहीं चल रहा था कि उनके परिजन जिंदा है या नहीं। ब्यास नदी में गिरी बस को देख कर ऐसा लग रहा था कि शायद ही बस के अंदर को जिंदा बचा हो।
एनएचपीसी की क्रेन से बस को उठाने के बाद ही मृतकों को बाहर निकाला गया।
