
गुप्तकाशी। केदारनाथ यात्रा से रोजगार छिनने की आशंका से परेशान मजदूर, घोड़ा-खच्चर मालिक और व्यापारी लामबंद होने लगे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में विभिन्न संगठनों ने एक संयुक्त बैठक सात और आठ जून को गौरीकुंड और 10 जून को गुप्तकाशी में बुलाई है। जन सहभागिता के लिए पर्चे वितरित किए जा रहे हैं, जिसमें इको सेंसिटिव जोन और केदारनाथ विकास प्राधिकरण जैसे मुद्दे शामिल हैं। रोजगार बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह रावत, काशी जन सेवा और सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष पीएन पांडेय, केदारनाथ तीर्थयात्री कल्याण समिति के अध्यक्ष अवतार सिंह नेगी आदि ने कहा कि सरकार मजदूर और व्यापारी वर्ग के लिए दोहरी नीति अपना रही है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर सदियों से परंपरागत दुकानें लगाते आए हैं लेकिन अब अतिक्रमण हटाने के नाम पर उनको बेरोजगार किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण की आड़ में घोड़े-खच्चरों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है, जबकि इसी क्षेत्र में हेलीकॉप्टर उड़ रहे हैं। इसीलिए लोगों को एकत्र कर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
