
धर्मशाला/पपरोला। जोगिंद्रनगर-पठानकोट रेलमार्ग पर रेल यातायात की बहाली में खराब मौसम एक बार फिर ‘खलनायक’ बन गया है। कांगड़ा घाटी की लाइफलाइन पर कोपहरलाहड़ के पास मंगलवार को फिर से मलबा गिर गया। वहीं भारी बारिश के चलते ट्रैक के नीचे से और मिट्टी धंसना शुरू हो गई है। मूसलाधार बारिश के बीच कोपरलाहड़ के पास भू-स्खलन से बंद पड़े रेलमार्ग को बहाल नहीं किया जा सका है। इस कारण मंगलवार को भी रेल सेवाएं बाधित रहीं और रेल यात्रियों को पठानकोट के लिए सीधी रेल सेवा न मिलने से परेशानियां झेलनी पड़ीं।
मंगलवार को बैजनाथ-पपरोला व कोपरलाहड़ के बीच 2 रेलगाड़ियां रद की गईं। जबकि पठानकोट-ज्वालामुखी रोड के बीच भी 2 रेलगाड़ियां स्थगित की गईं। घाटी में बीती रात से जारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है। भारी बारिश से जिला भर की सड़कों पर ल्हासे व पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित रहा। वहीं मैकलोडगंज स्थित डल लेक के समीप बारिश से एक दुकान पर पेड़ गिर गया। इससे दुकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। भारी बारिश के चलते वाहन चालकों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। धर्मशाला के आसपास के इलाकों में मंगलवार को दिन में भी काफी जोरदार बारिश हुई।
छह-सात दिन बहाली मुश्किल : रेलवे
रेलवे सूत्रों के अनुसार भारी बारिश के चलते ट्रैक के नीचे धंसी मिट्टी भरने में खासी मुश्किलें आ रही हैं। ऐसे में रेलमार्ग बहाल करने में करीब 6-7 दिन लग सकते हैं। रेल विभाग के सहायक मंडल अभियंता एमके गोयल ने कहा कि लगातार बारिश के चलते कोपरलाहड़ के पास ट्रैक के नीचे से मिट्टी धंस रही है। विभागीय कर्मी ट्रैक बहाल करने में लगातार जुटे हुए हैं। इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है।
