रेडियोलॉजिस्ट तो आए लेकिन इमरजेंसी के लिए

श्रीनगर। यात्रा सीजन में बेस अस्पताल में रेडियोलॉजी विभाग में रोटेशन पर पीएमएस से रेडियोलॉजिस्टों की तैनाती तो की गई लेकिन ये रेडियोलॉजिस्ट सिर्फ इमरजेंसी में ही अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं। वहीं तीन दिनों से अस्पताल में सीटी स्कैन तक नहीं हो रहे हैं। स्थिति यह है कि जब एक तकनीशियन अवकाश पर जाता है तो सीटी स्कैन विभाग पर ताला लग जाता है।
बेस अस्पताल में दो वर्षों से रोगियों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही थी। स्थिति यह थी कि रोगियों को निजी केंद्रों से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता था। यात्रा सीजन को देखते हुए अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट तो तैनात किए गए लेकिन वह सिर्फ इमरजेंसी के ही अल्ट्रासाउंड कर रहा है। ऐसे में अन्य रोगियों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। वहीं सिटी स्कैन के लिए तो तकनीशियन तैनात हैं लेकिन वहां भी काम बंद है। अगस्त्यमुनि से आई मनोरमा देवी को सीटी स्कैन न हो पाने के कारण बिना इलाज के लौटना पड़ा। चमोली निवासी राजेंद्र कुमार और कर्णप्रयाग निवासी देवेंद्र सिंह के समक्ष भी यही दिक्कतें आईं। अस्पताल में दो तकनीशियनों की तैनाती के बावजूद एक के अवकाश पर चले जाने पर सीटी स्कैन विभाग को ताला लग जाता है। एक तकनीशियन 10 जून तक अवकाश पर है जबकि दूसरा सीटी स्कैन नहीं करता।

इंसेट
20 दिन की है नियुक्ति
– मुझे बेस अस्पताल में यात्रा सीजन को देखते हुए फिलहाल 20 दिन के लिए इमरजेंसी ड्यूटी के लिए नियुक्ति पत्र मिला है। 20 दिन बाद नए डॉक्टर ड्यूटी संभालेंगे। जनहित में हम कुछेक अल्ट्रासाउंड रूटीन के कर सकते हैं, लेकिन रूटीन के सभी अल्ट्रासाउंड नहीं किए जा सकते हैं। – डा. विनोद कुमार ढौंडियाल, रेडियोलॉजिस्ट।

मजबूरी है
– बेस अस्पताल के प्रबंधन को चाक-चौबंद करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। रेडियोलॉजिस्टों की रोटेशन पर तैनाती भी इसी कार्रवाई का हिस्सा है। यह हमारी मजबूरी है कि पीएमएस के डॉक्टर सीटी स्कैन का कार्य नहीं देख पाएंगे। – डा. डीएल शाह, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक बेस अस्पताल।

बंद है सीटी स्कैन
– सीटी स्कैन बंद पड़ा है, लेकिन हमें यह जानकारी नहीं कि एक ही तकनीशियन क्यों सीटी स्कैन करता है। इस एक तकनीशियन के अवकाश पर जाने से दूसरे तकनीशियन सीटी स्कैन नहीं करते हैं। – डा. पवन रैथवाल, डिप्टी एमएस बेस अस्पताल।

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