
कोटद्वार। राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के रेडियोलॉजिस्ट की आपदा प्रभावित क्षेत्र गुप्तकाशी में ड्यूटी होने से यहां अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लगा है। जबकि यहां अल्ट्रासांउड के लिए औसतन बीस-पच्चीस मरीज पहुंच रहे हैं।
संयुक्त चिकित्सालय में नगर क्षेत्र के साथ ही पहाड़ से भी बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। कई मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए कहा जाता है। अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी आपदा प्रभावित क्षेत्र में होने से रोगियों को यहां जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिससे इमरजेंसी मरीजों को तो प्राइवेट अल्ट्रासांउड क्लीनिकों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्वाभाविक तौर पर इससे उनकी जेब हल्की होती है।
रूटीन से भेजते हैं एक डाक्टर
अस्पताल प्रशासन को आपदा प्रभावित क्षेत्र में प्रत्येक दस दिन बाद एक डाक्टर भेजना होता है। दो अगस्त से रेडियोलॉजिस्ट को आपदा प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया है। वे वहां बारह अगस्त तक रहेंगे। उनके आने के बाद अस्पताल प्रशासन नेत्र रोग विशेषज्ञ को आपदा प्रभावित क्षेत्र में भेजने की तैयारी कर रहा है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में डाक्टरों की जरूरत है, लेकिन यहां भी इससे ओपीडी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल में औसतन प्रतिदिन ओपीडी में 500 रोगी और आकस्मिक कक्ष में 100 रोगी आते हैं।
आपदा प्रभावित क्षेत्र में स्टीन में हर दस दिन बाद हमें एक डाक्टर भेजना है। अस्पताल में भी दिक्कत न हो। इसके लिए संतुलन बैठाकर काम किया जा रहा है। – डा. आईएस सामंत, सीएमएस कोटद्वार
