रुला रही सब्जियां, मंडी में नहीं आ रहे ग्राहक

रुद्रपुर। प्रदेश में आई आपदा का असर सब्जियों में दिखाई दे रहा है। महंगाई की मार के चलते अब ग्राहक भी मंडी आने से कतराने लगे हैं। फल की थोक मंडी में सब्जियों की आवक में 60 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। थोक मंडियों में अधिकतर सब्जियां लोकल की आ रही है वहीं गोभी हल्द्वानी, दिल्ली, प्याज नासिक तो आलू फरुखाबाद से आ रहा है। बीते दिनों पर्वतीय क्षेत्र के अतिरिक्त मैदानी क्षेत्रों में आई बाढ़ के चलते नदियों के किनारे पॉलेज में बोई गई अधिकतर सब्जियों की फसल नदियों की भेंट चढ़ गई। सब्जियों की आवक कम होने से एकाएक सब्जियों के दाम आसमान छू गए। लगातार सब्जियों के दामों में कोई कमीं न आने के कारण अब ग्राहक भी मंडी आने से बच रहा है। शाम को जहां मंडी में सब्जी लेने वालों की भीड़ लगी रहती थी, अब वही मंडी सुनसान दिख रही है। 15 दिन बाद टमाटर के दाम 80 से 60 तो पहुंच गए, लेकिन प्याज और काशीफल के दामों में उछाल आया है। लौकी, बैगन, तुरई, शिमला मिर्च, खीरा, परमल, अरबी, भिंडी के दामों जस के तस बने हुए हैं। अदरक के दाम 250 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि चार दिन से वह ग्राहकों को टकटकी लगाकर देख रहे हैं, लेकिन मंडियों में ग्राहक न के बराबर आ रहे हैं। इसके चलते उनके सामने भी रोजी रोटी का संकट गहराने लगा है।

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