
शिमला। लक्कड़ बाजार बस स्टैंड से नीचे रुलदूभट्ठा वार्ड में भी जमीन धंसने लग पड़ी है। जिला प्रशासन ने बुधवार को वार्ड में अवैध निर्माण करने वाले सभी लोगों को मकान खाली करने के निर्देश दिए हैं। कृष्णानगर वार्ड की तर्ज पर यहां भी मकान कभी भी जमींदोज हो सकते हैं। इसके चलते एहतियातन मकानों को खाली करवाने में अधिकारी जुट गए हैं।
जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन की नाक के नीचे एक अरसे से सैकड़ों भवनों का अवैध रूप से रुलदूभट्ठा में निर्माण होता आ रहा है। बावजूद इसके प्रशासन उसे रोकने में नाकाम रहा। क्षेत्र में अवैध रूप से बने ढारों को वर्षों तक न हटाए जाने का परिणाम यह रहा है कि कुछ लोगों ने ढारों के स्थान पर ईंटें खड़ी कर दीं। लैंटर भी डाल लिए और प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया रहा। अब पिछले माह कृष्णानगर वार्ड में हुए प्रकरण के मद्देनजर जिला प्रशासन को रुलदूभट्ठा वार्ड की सुध भी आ गई। बुधवार से जिला प्रशासन के अधिकारी रुलदूभट्ठा वार्ड के असुरक्षित भवनों में रहने वाले लोगों को चेताने में जुट गए हैं। जिला प्रशासन का कहना है वार्ड में दर्जनों लोगों ने अवैध निर्माण किया है। यह क्षेत्र सिंकिंग जोन के तहत आता है। यह क्षेत्र कभी भी धंस सकता है। अवैध निर्माण करने वालों ने मलबे के ऊपर ही निर्माण कर दिया है। इसके चलते यहां कभी भी कृष्णानगर वार्ड जैसे हालात बन सकते हैं।
स्वयं छोड़ो मकान, नहीं तो करेंगे सख्ती
एसडीएम शिमला शहरी जीसी नेगी ने बताया कि रुलदूभट्ठा वार्ड के तहत लक्कड़ बाजार से नीचे का क्षेत्र धंसने वाली जमीन है। यहां सैकड़ों लोगों ने अवैध निर्माण किया है। एहतियातन यहां रहने वाले लोगों को मकान खाली करने के आदेश दिए गए हैं। इससे पहले कि मकान जमींदोज हाें, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर चले जाना चाहिए। लोगों ने अगर स्वयं अवैध निर्माण वाले क्षेत्र खाली नहीं किए तो प्रशासन को सख्ती बरतनी पड़ेगी।
