
रुद्रप्रयाग। भूस्खलन, भू-धंसाव और भू-कटाव की मार झेल रहे गांवों की संख्या बढ़ती जा रही है। भूस्खलन प्रभावित सात और गांवों का भू-गर्भीय सर्वेक्षण होगा। भू-वैज्ञानिकों की टीम अब कुल 55 गांवों का सर्वेक्षण करेगी। वहीं टीम की ओर से अभी तक सिर्फ 11 गांवों का ही सर्वेक्षण हो पाया है, जिसकी जिला प्रशासन को रिपोर्ट नहीं मिली है।
आपदा/भूस्खलन प्रभावित जिले के 48 गांव/तोक/नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के मोहल्लों का भू-गर्भीय सर्वेक्षण भू-वैज्ञानिकों वाईएस सजवाण, जितेंद्र सिंह और रवि नेगी कर रहे हैं। अगस्त माह में सात अन्य गांवों रांसी और रोड्डू(ऊखीमठ), नागडांडा और सारी (रुद्रप्रयाग) और पांजणा, जैली व बुडोली (जखोली) का नाम भी प्रभावित गांवों की लिस्ट में जुड़ गया है। इनमें से पांजणा और जैली गांव विगत कई वर्षों से भूस्खलन की मार झेल रहे हैं। डीएम दिलीप जावलकर ने बताया कि टीम को सात अन्य गांवों के सर्वेक्षण के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक अमोठा, सौड़ी, बनियाड़ी, पुराना देवल, जवाहरनगर, विजयनगर, सरगोट, सिल्ली, चाका, फलाटी और तहसील रुद्रप्रयाग परिसर का सर्वेक्षण हो चुका है, सर्वेक्षण के लिए रोस्टर बनाया गया है। भू-वैज्ञानिक और राजस्व कर्मियों की टीम की रिपोर्ट शुक्रवार शाम तक मिल जाएगी।
