
गोपेश्वर। तेफना गदेरे में बादल फटने के दूसरे दिन भी तेफना और बांतोली गांव के ग्रामीण दहशत में हैं। प्रभावित परिवार अपने घरों को छोड़कर मंगरोली, नंदप्रयाग और थिरपाक में चले गए। बुधवार रात्रि हुई बारिश से फिर गदेरे का मलबा और पानी ग्रामीणों के घरों और दुकानों में घुस गया। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने अपने क्षतिग्रस्त भवनों से अपना जरूरी सामान निकाला और सुरक्षित स्थानों पर चले गए। वहीं बांतोली और तेफना गांवों में करीब 140 सिंचित भूमि भी गदेरे में बह गई है।
तेफना के रूप चंद और श्रीचंद के आवासीय भवनों के नीचे से भूस्खलन होना शुरू हो गया है। दोनों परिवारों ने अपने आवासीय भवन छोड़ कर अपने रिश्तेदारों के घर में शरण ले ली है। तेफना के दीवान सिंह गदेरे के रौद्र रूप को देख कर बीमार हो गए हैं। बांतोली गांव के जय सिंह का दुपहिया वाहन भी गदेरे में बह गया है। तेफना गांव के हयात सिंह का आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गया है।
तेफना में घाट-नंदप्रयाग मोटर मार्ग पर प्रेम सिंह, सोहन सिंह, दिनेश सिंह की दुकानें भी मलबे में दब गई हैं। तेफना गदेरे में नौली-हिंडोली गांव से तीन बरसाती गदेरे आते हैं, जो बांतोली गांव में एक दूसरे से मिल जाते हैं। इन तीनों गदेरों ने रौद्र रूप धारण कर तेफना और बांतोली गांव में यह तबाही मचाई। यहां ग्रामीण महावीर कुंवर, राजपाल कुंवर, गजपाल सिंह, बलवीर कुंवर, भवानू लाल और मोहन सिंह के खेत बह गए हैं।
