राहत के नाम पर धेला भी नहीं मिला

नौगांव(उत्तरकाशी)। जून में यमुना नदी की बाढ़ में फसल समेत खेती की जमीन गंवा चुके कोटियाल गांव के काश्तकारों को राहत के नाम पर धेला भी नहीं मिला।
यमुना के उफान से कोटियाल गांव के काश्तकारों की हंसोरा तोक स्थित खेती की जमीन मय फसल बर्बाद हो गई थी। किसान धान, टमाटर, आलू आदि नकदी फसलें उगाकर परिवार की आजीविका चलाते थे। बाढ़ ने फसल के साथ ही खेत भी तबाह कर डाले। अब इन किसानों के पास आजीविका का साधन नहीं बचा है। विशालमणी बंधानी, हरि प्रसाद, साधुराम आदि काश्तकारों का कहना है कि प्रशासन अन्य आपदा प्रभावित गांवों में तो राहत सामग्री बांट चुका है। उन्हें डेढ़ माह बाद भी राहत के नाम पर कोई सहायता नहीं मिली। एसडीएम बड़कोट देवमूर्ति यादव ने बताया कि राजस्व उपनिरीक्षकों से क्षेत्र में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। इसके बाद ही मानकों के अनुसार किसानों को क्षतिपूर्ति की जाएगी।

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