राहत की बजाय ‘नमक’ छिड़क गया प्रशासन

रुड़की। वाह रे सिस्टम! घाड़ क्षेत्र के गांवों में बारिश ने तो जुल्म ढहाया ही, प्रशासन ने भी राहत पहुंचाने की बजाय लोगों के जख्म पर नमक छिड़कने का काम किया। बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने एएसडीएम पहुंचे तो, लेकिन गांवों में जाने के बजाय सड़क पर खड़े होकर निरीक्षण कर लौट आए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से राहत पहुंचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए।
क्षेत्र के बुग्गावाला के गांवों में बरसात का पानी घुस गया। कई घरों में भी पानी घुसने से ग्रामीणों का हजारों का नुकसान हो गया। लगातार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। लेकिन लोगों को राहत पहुंचाने के बजाय प्रशासन लापरवाह नजर आया। रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे एएसडीएम घाड़ क्षेत्र का मुआयना करने पहुंचे। ग्रामीणों के मुताबिक, एएसडीएम केवल तेलपुरा के पास 15 मिनट सड़क पर खड़े रहे और मोहंड रो नदी का जलस्तर देखकर वापस चलते बने। जबकि तेलपुरा, अमानतगढ़, हसनावाला, गंाजा मजरा, गोकुलवाला, बनवाला आदि गांवों में बारिश के पानी ने कहर मचाया हुआ है। कई-कई फीट तक लोगों के घरों में पानी घुसा हुआ है। नदियों के उफान से लोगों को बाढ़ का भी डर सता रहा है, लेकिन एएसडीएम को शायद ग्रामीणों की परेशानी से कोई लेना देना नहीं है।
वहीं, एएसडीएम बीर सिंह बदियाल का कहना है कि मोहंड नदी में पानी ज्यादा होने से हम आगे नहीं जा पाए। इससे पहले के गांवों में नुकसान का आकलन किया गया। घर-घर जाकर लोगों से मिलना संभव नहीं है।

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