
नई दिल्ली: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने एक बार फिर 11 दया याचिकाओं को खारिज कर फांसी की सजा पर अंतिम मुहर लगा दी है। जिन याचिकाओं को प्रणब मुखर्जी ने खारिज किया है उसमें कनार्टक में रेप के बाद हत्या के दो दोषी शिवू और जादेस्वामी भी शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति के पास अब कोई भी दया याचिका निलंबित नहीं पड़ी है। 2001 के इस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने वर्ष 2005 में निचली अदालत से मिली फांसी की सजा को सही ठहराते हुए इस पर मुहर लगाई थी। वर्ष 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी थी। अब राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज हो जाने के बाद इन्हें फांसी लगना पूरी तरह से तय हो गया है।
