
शिमला नागरिक सभा ने किया प्रदर्शन, जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन
शिमला: शिमला नागरिक सभा ने राशन के कोटे में कटौती के मद्देनजर खाद्य, नागरिक आपूॢत विभाग को घेरा है तथा जिलाधीश कार्यालय में स्थित खाद्य एवं आपूॢत अधिकारी कार्यालय के बाहर शिमला के राशन डिपुओं में समय पर पर्याप्त राशन न मिलने के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाधीश के नाम एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) को मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा गया।
वक्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि लगातार नवउदारवादी नीतियों को लागू कर रही हैं तथा इन नीतियों के चलते जनता का जीवनयापन दूभर हो गया है। प्रदेश सरकार राशन के कोटे में लगातार कटौती कर रही है। नए साल में प्रदेश सरकार ने एपीएल श्रेणी के 18 किलो चावल प्रति परिवार के कोटे को कम कर 14 किलो कर दिया है। खाद्य एवं आपूॢत मंत्री तथा विभाग के आला अधिकारी झूठी सूचनाएं देकर आम जनता को गुमराह कर रहे हैं।
शिमला नागरिक सभा ने कहा है कि शिमला शहर के अधिकांश डिपो निजी दुकानदार चला रहे हैं तथा इन डिपुओं में खाद्य एवं नागरिक आपूॢत विभाग का सीधा नियंत्रण नहीं है। कई जगह तो इन डिपुओं में राशन खुले बाजार की कीमतों में बेचा जा रहा है। उन्होंने मांग रखी कि हर परिवार को 35 किलो राशन, 2 रुपए किलो के हिसाब से हर महीने दिया जाए। साथ ही राशन में की गई कटौती वापस ली जाए।
उक्त प्रदर्शन में सभा के 300 के करीब कार्यकत्र्ताओं ने भाग लिया तथा केंद्र व राज्य सरकार की आम जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर सभा के साथ नगर निगम शिमला के महापौर संजय चौहान और उप महापौर टिकेंद्र पंवर के अलावा सभा के अध्यक्ष विजेंद्र मैहरा, जगत राम, फालमा चौहान व बलबीर पराशर ने उपस्थित सदस्यों को संबोधित किया।
