राशन तो पहुंचा पर वितरण की व्यवस्था नहीं

कपकोट। पिंडरघाटी के आपदा प्रभावित इलाकों में अब राहत कार्यों में तेजी आने लगी है। यहां हेलीकाप्टर से राशन भेजकर विद्यालय भवन में एकत्र किया जा रहा है। बदियाकोट में राशन का भंडारण तो हो रहा है लेकिन वितरण की कोई व्यवस्था नहीं है। लोग तीन दिनों से इंतजार कर रहे हैं। विधायक ललित फर्स्वाण का कहना है कि प्रशासन ने जिन कर्मचारियों को यह काम सौंपा था, वे अभी तक बदियाकोट नहीं पहुंचे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़कों पर आवागमन बहाल करना बड़ी चुनौती है।
पुल और सड़कें बंद हो जाने से पिंडरघाटी के गांव अलग-थलग पडे़ हैं। कपकोट तहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए भी काफी समय तक पैदल यात्रा करनी पड़ रही है। यहां दवा और राशन का संकट गहराने की आशंका के चलते लोग परेशान थे। इसी कारण स्वयं विधायक ललित फर्स्वाण आमरण अनशन करने की धमकी दे चुके थे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री हरीश रावत और मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भी यहां आए। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्र में जाने के निर्देश दिए। बदियाकोट में वायु सेना के हेलीकाप्टर से लगातार राशन लाया जा रहा है। यहां कुल तीन महीनों के लिए आवश्यक वस्तुओं का भंडारण किया जाएगा। चिकित्सा सेवाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग की दो टीमें वहां काम कर रही हैं। विधायक के साथ क्षेत्र के तीन राजस्व पुलिस उपनिरीक्षक, पंचायत सचिव और अन्य कर्मचारी मौजूद हैं। सबसे बड़ी समस्या वहां के पुलाें का पुनर्निर्माण करने की है। इसमें काफी वक्त लग सकता है। फिलहाल वहां वैकल्पिक पुल बनाने की आवश्यकता है।

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