
रामपुर बुशहर। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र रामपुर में राज्य परिवहन निगम के डिपो में स्टाफ और बसों की कमी जनता पर भारी पड़ने लगी है। नई बसें न मिलने और चालक-परिचालकों की कमी को दूर न करने पर डिपो के तहत करीब एक दर्जन रूट बंद हो गए हैं। इससे, इन रूटों के तहत आने वाले दर्जनों गांवों की सैकड़ों की आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
एचआरटीसी के रामपुर डिपो के तहत दारनघाटी, नरैण वाया भ्रदाश, दरकाली, कोटी कापटी, डंडोल (दिन के समय), फांचा, चकलोट, सरगा, कुफरीधार (करसोग), पनोली, भुट्टी, रंदल और रामपुर-सराहन वाया गौरा आदि रूट बंद हो गए हैं। बसों और कर्मचारियों के अभाव के कारण रूट बंद हुए हैं। रामपुर डिपो में बसों की भारी कमी चल रही है। यहां पर इस समय करीब 10 बसें वर्कशाप में खड़ी हैं। रामपुर डिपो में करीब दो दर्जन बसें ऐसी हैं जो माइलेज पूरी कर चुकी हैं। इसी तरह यहां कर्मचारियों की भी कमी है। वर्तमान में यहां चालकों के करीब 20 और परिचालकों के करीब 35 पद लंबे समय से रिक्त पड़े हुए हैं। बार-बार अवगत करवाने के बावजूद सरकार न तो रिक्त पद भर पाई है और न ही नई बसें दे पाई। इस लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों के एक दर्जन रूटों पर बसें न चलने से लोगों को दिक्कतें पेश आ रही हैं।
एचआरटीसी के आरएम गुरबचन सिंह ने इन रूटों पर बसें बंद होने की पुष्टि की हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के साथ ही बसों की कमी होने से इन रूटों पर निगम सेवाएं देने में असमर्थ हैं। स्टाफ और नई बसें मिलने पर ही रूटों पर बसें चलाई जा सकेंगी।
15 दिन में बस न चली तो धरना
रामपुर बुशहर। देवनगर पंचायत के लोगों ने रामपुर-बशड़ी बस को 15 दिन के भीतर न चलाने पर धरना देने की चेतावनी दी है।
देवनगर पंचायत के प्रधान कपिल जक्टू, वीर सिंह, ज्ञान चंद, रोशन लाल, पालमा देवी, संध्या देवी आदि ने कहा कि बशड़ी बस को न चलाए जाने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बस न होने से लोगों को मजबूरन छोटी गाड़ियों में सफर करना पड़ता है। ब्रांदली बस पहले ही खचाखच भरी होती है। इसमें भी सीटें नहीं मिलतीं। सोमवार को भी देवनगर पंचायत के लोगों को इस बस में बैठाया नहीं गया। लोगों को टेंपो में भ्रदाश तक आना पड़ा। उप प्रधान ने कहा कि अगर निगम ने 15 दिन में बस न चलाई तो जनता सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन करेगी।
