
पतंजलि में बंधक बनाया पूर्व कर्मी नितिन त्यागी और उसके दादा रुड़की में अपने रिश्तेदार के घर से लापता हो गए हैं। उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
नितिन त्यागी तब चर्चा में आया था जब पुलिस ने उसे पतंजलि से बरामद किया था। नितिन ने रामदेव के भाई रामभरत पर बंधक बनाकर तीन दिन से मारपीट करने का आरोप लगाया है।
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दादा सोमदत्त भी साथ
मुजफ्फरनगर के रई गांव का निवासी नितिन त्यागी पुलिस द्वारा मुक्त कराए जाने के बाद से रुड़की सिविल लाइंस निवासी अपने रिश्तेदार हरपाल त्यागी के घर रुका था। उसके दादा सोमदत्त भी उसके साथ थे।
दादा सोमदत्त की गुमशुदगी दर्ज
हरपाल त्यागी के मुताबिक बृहस्पतिवार रात को नितिन का एक और रिश्तेदार उनके घर पर आया था। वह नितिन और उसके दादा को खाना खिलाने के लिए बाहर ले गया था। लेकिन, उसके बाद से दोनों लापता हैं।
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हरपाल के मुताबिक जिस रिश्तेदार के साथ दोनों गए थे वह शुक्रवार सुबह अपनी बाइक लेने के लिए उनके घर भी आया था। लेकिन, दोनों का कोई सुराग नहीं लगा। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जसबीर पुंडीर ने बताया कि पुलिस ने हरपाल त्यागी की तहरीर पर नितिन त्यागी और उसके दादा सोमदत्त की गुमशुदगी दर्ज कर ली है।
पांचवें दिन भी रामभरत का सुराग नहीं
योगगुरु रामदेव के भाई रामभरत की तलाश में पांचवें दिन भी पुलिस के हाथ खाली रहे। दावा किया गया है कि पुलिस टीम ने दिल्ली, हरियाणा, देहरादून, यूपी आदि में कई स्थानों पर छापामारी की है।
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रामभरत पर पतंजलि के पूर्व कर्मचारी नितिन त्यागी को बंधक बनाकर मारने-पीटने का आरोप है। रामभरत की गिरफ्तारी में नाकाम पुलिस ने दावा किया है कि उसे मामले में कुछ अहम सुराग लगे हैं। फिलहाल तो रामभरत पुलिस की पहुंच से दूर है।
औद्योगिक इकाइयों पर पैनी नजर
वैसे पुलिस रामदेव की सभी औद्योगिक इकाइयों पर पैनी नजर रख रही है। दूसरे दिन भी हरिद्वार में पतंजलि की सभी इकाइयों पर पुलिस ने छापे मारे।
उल्लेखनीय है कि पतंजलि के पूर्व कर्मचारी नितिन त्यागी निवासी रेई थाना छपार जिला मुजफ्फरनगर को तीन दिन तक बंधक बनाकर मारपीट करने को मामले में 21 अक्तूबर को थाना कनखल में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
