राज्य के सभी दुग्ध संघों के प्रशासक हटाए

अल्मोड़ा। केंद्र सरकार द्वारा पारित 97वां संविधान संशोधन उत्तराखंड में लागू हो गया है। इस संविधान संशोधन की व्यवस्थाओं के मुताबिक सहकारी संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त होने पर किसी भी दशा में छह माह से अधिक समय तक प्रशासक नियुक्त नहीं किए जा सकते। संविधान संशोधन लागू होने का सबसे बड़ा असर यह रहा कि शासन ने राज्य के सभी दुग्ध संघ प्रशासक हटाकर उनके स्थान पर दुग्ध संघों के प्रधान प्रबंधकों को कार्यपालक बना दिया है। इसके अलावा उत्तराखंड कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन के प्रशासक के स्थान पर दुग्ध विभाग के प्रबंध निदेशक को मुख्य कार्यपालक अधिकारी बना दिया गया है।
मालूम हो कि प्रदेश में दुग्ध संघों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद समय पर चुनाव नहीं हो पाने के कारण प्रदेश सरकार ने दुग्ध संघों और राज्य कोआपरेटिव फेडरेशन में प्रशासक बैठा दिए थे। सरकार ने प्रशासकों का कार्यकाल पहले एक साल रखा और बाद में छह माह के लिए फिर से बढ़ा दिया था। इस बीच फरवरी 2012 में जारी आदेश के मुताबिक उत्तराखंड सहित देश के सभी राज्यों में केंद्र सरकार द्वारा पारित 97वां संविधान संशोधन एक साल बाद लागू करने को कहा गया था। जिसे सभी राज्य मानने को बाध्य हैं। इस संविधान संशोधन में सहकारी समितियों के गठन के लिए नई नियमावली बनाई गई है।
दुग्ध विकास विभाग के निदेशक रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि शासन के निर्देश पर राज्य में 97वां संविधान संशोधन लागू कर दिया गया है। संविधान संशोधन में दी गई व्यवस्था के अनुसार राज्य के सभी दुग्ध संघों के प्रशासकों के स्थान पर प्रधान प्रबंधकों को कार्यपालक का प्रभार दे दिया गया है। साथ ही राज्य उत्तराखंड कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन के प्रशासक अर्जुन सिंह रौतेला को भी कार्यमुक्त कर दिया गया है। उनके स्थान पर दुग्ध विभाग के प्रबंध निदेशक को मुख्य कार्यपालक बना दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।

सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण कराएगा चुनाव
अल्मोड़ा। पुरानी व्यवस्था में दुग्ध संघों और राज्य कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन का चुनाव दुग्ध विभाग करवाता था लेकिन 97वें संविधान संशोधन में दी गई व्यवस्थाओं के अनुसार अब सहकारी समितियों के चुनाव कराने के लिए सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण गठित कर दिया गया है। विधानसभा के पूर्व सचिव महेश चंद्र को प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है।

फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है चुनाव का मामला
अल्मोड़ा। उत्तराखंड कोआपरेटिव फेडरेशन और राज्य में स्थित दुग्ध संघों के चुनाव फिलहाल अटके हुए हैं। दुग्ध विभाग के उपनिदेशक संजय उपाध्याय ने बताया कि निर्वाचन क्षेत्रों में आरक्षण के संबंध में हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। हाईकोर्ट से फैसला हो जाने के बाद चुनाव करवा लिए जाएंगे।

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