
मंडी। खाद्य सामग्री के सैंपल स्वास्थ्य विभाग के मानकों पर खरा नहीं उतर सके हैं। चार सैंपल फेल हो गए हैं। विभाग ने नेरचौक में यह सैंपल भरे थे। राजमाह, काली मिर्च, आटे का बिस्कुट और फ्रेंस के सैंपल फेल हो गए हैं। कंडाघाट फूड टेस्टिंग लैब से आई रिपोर्ट में राजमाह तथा काली मिर्च के सैंपल सब-स्टेंडर्ड पाए गए हैं। दो अन्य सैंपल मिसब्रांडेड हैं।
सैंपल फेल होने के बाद संबंधित दुकानदाराें को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इनके खिलाफ अब कोर्ट में मामला चलेगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नवंबर 2013 में नेरचौक कस्बे से संदेह के आधार पर यह सैंपल भरे थे। सैंपल जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजे गए थे। लैब से इसकी रिपोर्ट पहुंच गई है। इसमें चार सैंपल गुणवत्ता तथा मानकों पर खरा नहीं उतर सके हैं। राजमाह तथा काली मिर्च के सैंपल सब- स्टेंडर्ड पाए गए हैं। आटा बिस्कुट तथा फ्रेंस के सैंपल मिस ब्राडेंड पाए गए हैं। दुकानदाराें के खिलाफ अब एडीएम कोर्ट में केस चलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, विभाग की मानें तो सैंपल फेल होने पर दुकानदार विभाग के जारी नोटिस को एक बार चुनौती दे सकता है। इसके बाद सैंपल रेफरल फूड लेबोरेटरी भेजा जाएगा। यदि दुकानदार दोषी पाया गया तो उसे फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड एक्ट में तीन लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
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कंडाघाट फूड टेस्टिंग लैब से आई रिपोर्ट में राजमाह तथा काली मिर्च के एक-एक सैंपल सब-स्टेंडर्ड, आटा बिस्कुट तथा फ्रेंस के सैंपल मिस ब्राडेंड पाए गए हैं। आगामी कार्रवाई के लिए सभी मामलों को एडीएम कोर्ट में भेजा जाएगा।
– एलडी ठाकुर, फूड इंस्पेक्टर।
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खाद्य सामग्रियों के सैंपल की रिपोर्ट आ गई है। आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उपभोक्ता सामान खरीदने से पहले उस उत्पाद के बारे में अच्छी तरह जांच कर लें।
-डा. एनके भारद्वाज, जिला स्वास्थ्य अधिकारी मंडी।
