
शिमला। राजधानी सहित उपनगरों के लोगों को जल्द ही बसों की किल्लत से राहत मिलने की उम्मीद है। जेएनएनयूआरएम के तहत शहर के लिए 150 बसों की मांग की गई है। कलस्टर सिस्टम के तहत शहर के साथ उपनगरों को राजधानी से जोड़ने के लिए भी इन बसों का संचालन किया जाएगा। वर्तमान में जेएनएनयूआरएम के तहत शहर में 75 लाल बसें चल रही हैं। एचआरटीसी के पास बसों की किल्लत के चलते शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी लाल बसों का संचालन किया जा रहा है। शहर में संचालन के लिए मिली 75 में से करीब 24 बसें ग्रामीण रूटों पर चल रही हैं।
उल्लेखनीय है कि शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुदृढ़ न होने के कारण लोगों को मजबूरन अपने निजी वाहन से आवाजाही करनी पड़ रही है, जिससे शहर में जाम की समस्या विकराल होती जा रही है। बसों की खेप मिलने के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुदृढ़ होने की सूरत में जाम की समस्या हल होने की संभावना जताई जा रही है।
राजधानी के लिए 150 बसों का प्रावधान
जेएनएनयूआरएम के तहत 1000 बसों का प्रपोजल भेजा गया है। राजधानी शिमला में परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए 150 बसों का प्रावधान किया जा रहा है। कलस्टर सिस्टम के तहत बस सेवा के जरिये राजधानी को आसपास के क्षेत्रों से जोड़ा जाएगा।
– आरएन बत्ता
प्रबंध निदेशक, एचआरटीसी
शटल रूटों पर बढ़ेगी बसों की संख्या
शटल रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। ओल्ड बस स्टैंड से आईएसबीटी, आईएसबीटी से मैहली, ओल्ड बस स्टैंड से समरहिल, ओल्ड बस स्टैंड से तारादेवी, लक्कड़ बाजार बस स्टैंड से भराड़ी।
रिंग सर्विस (मुद्रिका) में चलेंगी बसें
शहर के भीतर रिंग सर्विस (मुद्रिका) में बढ़ोतरी की जाएगी। ओल्ड बस स्टैंड, छोटा शिमला, संजौली, लक्कड़ बाजार, विक्ट्री टनल से पुन: ओल्ड बस स्टैंड रूट पर नियमित अंतराल में लगातार बसें दौड़ेंगी।
कलस्टर सिस्टम से इन रूटों पर चलेंगी बसें
शिमला – सोलन
शिमला – कुफरी
शिमला – ठियोग
शिमला – मशोबरा
शिमला – नालदेहरा
शिमला – घणाहट्टी
शिमला – शोघी
शहर में दोगुनी हो जाएगी बसों की संख्या
लोकल रूटों पर वर्तमान में कुल बसें 145 (जेएनएनयूआरएम – 75)
जेएनएनयूआरएम की अगली खेप 150
जेएनएनयूआरएम की दूसरी खेप के बाद बसों की कुल संख्या 295
