
लखनऊ : उन्नाव जिले के डौंडिय़ाखेड़ा गांव में राजा राव रामबख्श सिंह के किले के खंडहर में कथित खजाने की खोज में जुटी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ने मंगलवार को पांचवें दिन 47 सेंटीमीटर की खुदाई की। एएसआई के अधिकारी पी.के. मिश्र ने बताया कि पांचवें दिन यानी मंगलवार तक कुल 190 सेंटीमीटर खुदाई हुई। अब तक न तो सोना मिला और न ही सोना मिलने से आसार नजर आए हैं।
अधिकारियों द्वारा खुदाई में मिली प्राचीन दीवार, खंभे का हिस्सा, मिट्टी के टूटे बर्तनों और कांच की चूडिय़ों का गहन परीक्षण किया जा रहा है। सदियों पुरानी ये चीजें पुरातात्विक महत्व की हैं। खजाना मिलने की संभावना क्षीण होते देख जहां एएसआई द्वारा साफ कर दिया गया है कि खुदाई खजाने की लिए नहीं, बल्कि ऐतिहासिक अवशेषों के लिए की जा रही है, लेकिन एक हजार टन सोना दबा होने की बात कहने वाले शोभन सरकार से शिष्य ओम जी महाराज लगातार खजाना होने का दावा कर रहे हैं।
ओम जी ने मंगलवार को कहा कि दो मीटर से कम खुदाई में दीवार, कांच के टुकड़े, मिट्टी के टूटे बर्तन और खंभे का हिस्सा मिला है, जब 15 फुट की गहराई तक खुदाई हो जाएगी, तब बड़ा चमत्कार होगा। खुदाई स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। गौरतलब है कि बाबा शोभन सरकार के सपने के आधार पर डौंडियाखेड़ा में शहीद राजा राव राम बख्श सिंह के किले की खुदाई की जा रही है। बाबा ने किले में जमीन के नीचे एक हजार टन सोना दबे होने का सपना देखा था।
