
गोहर (मंडी)। भरपूर बारिश और बर्फबारी से बगीचों की मिट्टी में पसरी नमी ने सेब की बंपर पैदावार होने की उम्मीद जगा दी है। उपमंडल की कमरूघाटी के सेब के बागीचों में फ्लावरिंग के बाद सेब की बंपर सेटिंग हुई है। इससे बागवान गदगद हैं। बागवानों को इस बार बंपर क्राप की उम्मीद है। पिछले वर्ष घाटी के किसानों को ओलावृष्टि से लाखों का नुकसान उठाना पड़ा था। लेकिन इस बार मौसम के साथ देने और ओलावृष्टि से सेब बागीचों के सुरक्षित रहने से बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। हालांकि जंजैहली घाटी के अनेक क्षेत्रों में ओलावृष्टि ने सेब की फ्लावरिंग को तबाह कर दिया है। लेकिन कमरूघाटी और एप्पल वैली करसोग में मौसम बागवानों का खूब साथ दे रहा है।
कमरूघाटी में दर्जनों बगीचों में सेब की बंपर सेटिंग हुई है। बागवान सुबह से शाम तक बागीचों में ही सेटिंग का आकलन करने में लगे रहते हैं। घाटी के सरोआ, कुटाहची, बाढू, शकोहर, थमाडी, रोहांडा, घीड़ी और आसपास के सेब उत्पादित क्षेत्रों में सेब की बंपर सेटिंग हुई है। बागवान रामलाल ठाकुर, पवन कुमार, उत्तम चंद, भीम सिंह, नेत्र सिंह, लाभ सिंह ठाकुर, जयराम, मनोज कुमार, घनश्याम ठाकुर, हेम सिंह और मुरारी लाल ठाकुर ने कहा कि इस बार पर्याप्त बारिश और बर्फबारी से बागीचे में सेब की बंपर सेटिंग हुई है। बागवानों ने बताया कि अगर मई में ओलावृष्टि नहीं होती है तो सेब बागवानों खूब चांदी कूटेंगे। मंडी जिला में फ्लावरिंग अंतिम चरण में है। ओलावृष्टि से सुरक्षित सेब बागीचों में सेब की बंपर सेटिंग हुई है। इससे बागवानों को इस बार भारी फसल होने की उम्मीद है। वहीं दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, जम्मू और मुंबई के सेब आढ़ति बागवानों से संपर्क साधने में जुट गए हैं। जिला उद्यान उप निदेशक प्रेम सिंह चौहान ने जिले में सेब की बंपर सेटिंग होने की पुष्टि की है। बताया कि इस बार बागवान अच्छी आय अर्जित करेंगे।
