रसीदें जारी करने पर स्थिति स्पष्ट करवाएं

मंडी। हिमाचल किसानसभा जिला कमेटी मंडी ने इस बात से इनकार किया है कि पंचायतों को कोई ऐसे लिखित आदेश जारी हुए हैं जिसमें मजदूरों को रसीदें पंचायत सचिव या सहायक एवं ग्राम रोजगार सेवक में से कौन जारी करेगा। इसलिए वर्तमान में यह रसीदें कहीं भी जारी नहीं की जा रहीं। इसे किसानसभा मनरेगा कानून का उल्लंघन मानती है। किसान सभा के जिला अध्यक्ष जगदीश ठाकुर, उपप्रधान रामलाल, परस राम, रणजीत राणा, सचिव कुशाल भारद्वाज, सह सचिव बख्शी राम, प्रेम सिंह, गोपेंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष हेमराज वालिया और सदस्य जोगिंद्र वालिया, भूपेंद्र सिंह, कुंदन लाल, गुरुदास वर्मा, परमानंद शर्मा, बेलीराम भाटिया और महेंद्र सिंह ने सरकार से सभी पंचायतों में रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक तुरंत तैनात करने की मांग की है।
केंद्र सरकार ने मनरेगा कानून के तहत सौ दिन का रोजगार सुनिश्चित करने और कामगारों को काम मांगने पर तिथि सहित रसीदें जारी करने की मांग की है। मांग के अनुसार काम उपलब्ध करवाने के मकसद से वार्ड स्तर पर रोजगार दिवस आयोजित करने के दिशानिर्देश सभी राज्य सरकारों और जिला कार्यक्रम अधिकारियों को दिए हैं। इनमें वार्ड सदस्य और रोजगार सहायक मनरेगा मजदूरों से आवेदन लेंगे और मौके पर उन्हें रसीदें जारी करेंगे। पंद्रह दिन के भीतर कार्य करने के स्थान बारे सूचना देंगे। हिमाचल किसान सभा जिला कमेटी मंडी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण और डीसी मंडी को इस बारे अगस्त माह में मांगपत्र सौंप चुकी है। वर्तमान में मंडी जिले की 473 पंचायतों में से केवल 152 में ग्राम रोजगार सेवक और 174 में तकनीकी सहायक कार्यरत हैं।

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