
रुद्रपुर। बिना सक्षम अधिकारी के सीलिंग की भूमि को नामांतरण बही में दर्ज करने और व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सीलिंग प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में डीएम ने एक रजिस्ट्रार कानूनगो और दो लेखपालों क ो निलंबित करने के आदेश दिए हैं। मामले में दोषी तत्कालीन नायब तहसीलदार के नैनीताल कार्यमुक्त होने के कारण वहां के डीएम को कार्रवाई को लिखा गया है।
बीते दिनों किच्छा तहसील के ग्राम बखपुर के खसरा नंबर 347, रकवा 20.508 हेक्टेयर सीलिंग की जमीन पर व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कुछ लोगों के नाम खतौनी में दर्ज कर सीलिंग प्रमाण पत्र जारी करने की शिकायत कमिश्नर से की गई थी। कमिश्नर से डीएम को जांच के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया था।
जांच में पाया गया कि सीलिंग की भूमि को 2004 में व्यक्ति विशेष लोगों के नाम रजिस्ट्रार कानूनगो मोहन सिंह, लेखपाल भुवन चंद्र सती ने खतौनी में दर्ज कर दिया। 2012 में नायब तहसीलदार भुवन चंद्र पांडे तथा लेखपाल चंद्रपाल ने भूमि सीलिंग से प्रभावित न होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया जबकि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। तहसीलदार सुंदर सिंह तोमर की रिपोर्ट में तत्कालीन एसडीएम ईला गिरि ने डीएम को कार्रवाई की संस्तुति की थी। इस पर डीएम बृजेश कुमार संत ने आरके मोहन सिंह, लेखपाल भुवन चंद्र सती तथा लेखपाल चंद्रपाल को निलंबित कर दिया जबकि तत्कालीन नायब तहसीलदार नैनीताल के लिए कार्यमुक्त होने कारण कार्रवाई को डीएम नैनीताल को लिखा गया है।
