
भरमौर (चंबा)। मंडी संसदीय क्षेत्र के उपचुनाव का बिगुल बजते ही कांग्रेस ने भरमौर-पांगी विधानसभा क्षेत्र से चारों ओर से मोरचाबंदी शुरू कर दी थी। पहली बार स्थानीय विधायक को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने मंत्रिमंडल में अहम जगह भी दी थी। कांग्रेस को इस विस क्षेत्र से रिकार्ड मतों से जीत मिली है। पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों में कुछ क्षेत्रों से कांग्रेस को मिली हार से सबक लेते हुए कांग्रेस ने हर बूथ के लिए विशेष रणनीति तैयार की थी। गैर जनजातीय क्षेत्र से विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस एक हजार के करीब वोटों से पिछड़ गई थी। मंडी उपचुनावों में कांग्रेस ने एक हजार की भरपाई कर सात हजार और मत हासिल किए हैं। उधर, पांगी में विस चुनावों के दौरान कांग्रेस को करीब 2100 मतों की बढ़त मिली थी। वहीं लोस चुनावों में कांग्रेस को पांगी से लीड तो दूर की बात दो सौ मतों के करीब पिछड़ना पड़ा था। इस बार पांगी से कांग्रेस को चार हजार के करीब मतों की बढ़त मिली है। भरमौर-होली क्षेत्र से पांच हजार मतों की जीत हासिल कर कांग्रेस ने भाजपा को हर कोने से मात दी है। कुल 137 पोलिंग बूथों में भाजपा को चार पोलिंग बूथों में ही बढ़त मिली है। कांग्रेस को 133 बूथों से भारी लीड मिली है। होली क्षेत्र के कियूरा पोलिंग बूथ में कुल 30 वोट पड़े। यह सभी वोट कांग्रेस के पक्ष में गए। मंडी उपचुनावों के लिए चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस की ओर से वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने गैर जनजातीय क्षेत्र में डेरा जमाया हुआ था। भरमौर क्षेत्र के कांग्रेस के प्रभारी पूर्व सांसद चौधरी चंद्र कुमार, परिवहन निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र भारद्वाज, जिला परिषद सदस्य अमित भरमौरी ने हर पोलिंग बूथों पर जी जान लगा रखी थी। भाजपा के प्रदेश के एक-दो नेताआें को छोड़कर कोई भी बड़ा नेता यहां प्रचार के लिए नहीं पहुंचा।
