
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षाएं प्रदेश के 52 केंद्रों पर सोमवार से शुरू हो गईं हैं। इस बार कुल 22 हजार विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं।
दैवीय आपदा की वजह से इस बार प्रश्नपत्र और कापियां पहुंचाने एवं पर्यवेक्षकों के पहुंचने में मुश्किलें आईं लेकिन अंतत: सभी केंद्रों पर परीक्षाएं सुचारु तरीके से प्रारंभ हो गईं।
एमबीपीजी कॉलेज में कुलपति प्रो. सुभाष धूलिया ने परीक्षा नियंत्रक प्रो. गोविंद सिंह, प्राचार्य डा. बीसी मेलकानी, पूर्व प्राचार्य डा. बीसी उप्रेती के साथ परीक्षा के पहले दिन केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
कुलपति प्रो. धूलिया ने बताया कि विश्वविद्यालय ने इस बार अपने प्राध्यापकों के अतिरिक्त 15 अनुभवी अवकाश प्राप्त प्राध्यापकों और प्राचार्यों को भी पर्यवेक्षक के रूप में परीक्षा कार्य से जोड़ा गया है ताकि परीक्षा बेहतर ढंग से संपन्न हो सकें।
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वहीं देहरादून में दून के कैंपस निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने औचक निरीक्षण किया। परीक्षा नियंत्रक प्रो. गोविंद सिंह ने बताया कि कुमाऊं और गढ़वाल अंचलों के लिए पांच सचल दस्तों का गठन किया गया है, जो पूरे प्रदेश में परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करेंगे।
इस बार पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं ताकि छात्रों को अपने निकटस्थ केंद्र में परीक्षा देने का मौका मिल सके। मुवानी, लाखामंडल, बेतालघाट, जसपुर, गजा, डाबरी, नैनबाग, आराकोट, सामा और बदियाकोट जैसे इलाकों में भी केंद्र बनाए गए हैं।
