यातायात ठप, बत्ती गुल

बरोट/पांगणा (मंडी)। मौसम की पहली बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चौहारघाटी के ऊपरी इलाकों में 30 से 60 इंच बर्फ बारी की सूचना है। यहां यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। बिजली ठप हो गई है। कई सड़कें बंद हो गई हैं। वाहन फंसे हैं। चौहारघाटी तथा छोटा भंगाल क्षेत्र में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हो गया है। समूची घाटी में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। बरोट डिविजन मुख्यालय में भी आठ से दस सेंटीमीटर तक बर्फ गिरी है। दोनों क्षेत्र यातायात से कट गए हैं। बिजली भी गुल है।
चौहारघाटी के अलावा करसोग, सराज तथा जंजैहली घाटी में भी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चौहारघाटी तथा छोटा भंगाल में रात भर बर्फबारी होती रही। सुबह तक 30 से 60 सेंटीमीटर बर्फ की चादर बिछ गई। बरोट-घटासनी मुख्य सड़क पर यातायात ठप हो गया। छोटा भंगाल क्षेत्र की बरोट-लोहरडी, बरोट-कोठी कोहड़ तथा बरोट-मियोट में भी वाहनाें की आवाजाही थम गई है। बर्फबारी से दोनों क्षेत्र की 20 पंचायतों की करीब पचास हजार आबादी प्रभावित है।
उधर, करसोग घाटी में कई स्थानों में 6 से 8 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। बखरौट, चिंडी, रेशटाधार तथा जाछ में दो से चार सेंटीमीटर हिमपात हुआ है। माहुनांग, चरखडी, खनियुडी, महोेग, सेरी तथा धमुन में तीन-चार इंच बर्फबारी हुई है। पडांर चौकी में पांच से सात इंच बर्फबारी के बीच शिमला-मंडी मार्ग बंद हो गया है। इस मार्ग पर जगह-जगह छोटे वाहन एवं रात्रि बस सेवाओं के साथ रिकांगपियो, सुंगरा जाने वाली बसों में दर्जनोें यात्री फंसं हैं। शिकारी देवी तथा कमरूनाग में लगभग 30 से 60 सेंटीमीटर हिमपात होने का अनुमान है। दोनाें मंदिराें के कपाट श्रद्धालुओं के बंद हो गए हैं। इधर, उद्यान खंड अधिकारी दीप राम तथा बखरौट एवं सेरी में तैनात उद्यान प्रसार अधिकारी युवराज वर्मा और नोख राम का कहना है कि इस बार सेब के पौधाें को सही चिलिंग ऑवर मिल रहे हैं।

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