
शिमला।(वीरेन्द्र खागटा) समय : सुबह 11.26। स्थान : आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी भराड़ी। इंडियन बुलेटिन की टीम यहां पहुंचती है। डिस्पेंसरी भवन के बाहर ही लोगों का इलाज हो रहा है। पूछने पर पता चला कि भवन की खराब हालत के कारण ऐसा करना पड़ रहा है। मरीजों का इलाज जर्जर हालत के चलते डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी डिस्पेंसरी के बाहर बैठकर मरीजों का इलाज करने को मजबूर हैं। बर्फबारी और बारिश में अंदर बैठना खतरे से खाली नहीं। पानी के लगातार हो रहे रिसाव के चलते कभी भी हादसा हो सकता है। मरीजों को इंजेक्शन लगाने वाला बिस्तर खराब हो चुका है। छत से पानी की लीकेज के कारण सीमेंट के टुकड़े दवाओं और उपकरणों पर गिर रहे हैं। इससे दवाएं भी खराब हो रही हैं। डिस्पेंसरी की इमारत कभी भी गिर सकती है। लोगों ने मरम्मत की मांग की है।
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विभाग के अफसरों को लिखित रूप से डिस्पेंसरी की स्थिति से अवगत करवाया है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
कला शर्मा, भराड़ी वार्ड की पार्षद
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डिस्पेंसरी के बाहर हो रहा इलाज
ब्लड प्रेशर चैक करवाने आई हूं। डिस्पेेंसरी भवन की हालत इतनी खराब है कि डॉक्टर को बाहर ही जांच करनी पड़ी।
रीता देवी, स्थानीय निवासी
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लीकेज से हो सकता है हादसा
जोड़ो में दर्द है। इलाज के लिए यहां आया हूं। भवन की हालत खराब है। पानी के रिसाव से यहां हादसा हो सकता है।
दिलीप सिंह, स्थानीय निवासी
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कभी भी गिर सकती है इमारत
डिस्पेंसरी की इमारत कभी भी गिर सकती है। भवन की मरम्मत होनी चाहिए।
-राकेश, स्थानीय निवासी
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भवन की मरम्मत का काम होगा। मरीजों और स्टाफ को दिक्कत न हो, इसके लिए जल्द काम को शुरू कर दिया जाएगा।
सुरेंद्र मारटू, संयुक्त सचिव, आयुर्वेद विभाग
