
बिलासपुर। राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में विलेन साबित हुए मौसम ने एक ‘कीर्तिमान’ भी स्थापित किया। अंतिम संध्या में बालीवुड की प्लेबैक सिंगर हेमा सरदेसाई के एक-एक गाने के लिए आयोजकों को एक-एक लाख रुपये चुकाने पडे़। यह बात दीगर है कि इतने ऊंचे दाम चुकाने के बावजूद लोगाें का अपेक्षित मनोरंजन नहीं हो पाया। बारिश और तेज हवाओं के चलते समां बंधने से पहले ही सांस्कृतिक संध्या का रंग फीका पड़ गया। सात दिवसीय राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या गत शनिवार को हुई। इससे पहले की तीन संध्याआें में कार्यक्रम समाप्ति का समय रात दस बजे निर्धारित किया गया था। अंतिम संध्या को यादगार बनाने तथा दर्शकाें के भरपूर मनोरंजन के लिए मेला आयोजन कमेटी ने रात 12 बजे तक की अनुमति प्राप्त की थी। इसके चलते गत शनिवार को पंडाल भी दर्शकों से पूरी तरह से भरा हुआ था।
अंतिम संध्या में शुरुआती कार्यक्रमों के बाद प्लेबैक सिंगर हेमा सरदेसाई को रात करीब 11 बजे स्टेज संभालना था, लेकिन इसी बीच मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ने लगा। स्थिति भांपते हुए मेला आयोजन कमेटी ने उन्हें लगभग दस बजे मंच पर बुला लिया। ‘जंगल है आधी रात है’ गीत से अपने कार्यक्रम का आगाज करने वाली हेमा अभी कुल चार गीत ही प्रस्तुत कर पाई थीं कि मौसम विलेन बन गया। इसके चलते कार्यक्रम समाप्त करना पड़ा। जानकारी के अनुसार हेमा सरदेसाई के कार्यक्रम के लिए लगभग चार लाख रुपये खर्च किए गए। इस लिहाज से उनके एक गीत पर एक लाख रुपये खर्च हुए। इंद्र देवता की ‘नाराजगी’ ने न केवल प्रशासन के प्रयासों पर पानी फेर दिया, बल्कि दर्शकों को भी मनोरंजन से वंचित कर दिया।
