
खराहल (कुल्लू)। बिगड़े मौसम का कहर इस बार प्लम की फसल पर भारी पड़ गया है। एकाएक तापमान लुढ़क जाने से इसकी सेटिंग पर प्रतिकूल असर पड़ा है। फ्लावरिंग के समय बारिश और
बर्फ बारी होने से फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बंपर फ्लावरिंग होने के बावजूद अब फल देखने को नहीं मिल रहे हैं। इससे बागवान बैकफुट पर आ गए हैं। अनुमान के मुताबिक प्लम की फसल को 65 फीसदी तक नुकसान होने की आशंका जाहिर की जा रही हैं। उधर, बागवानी विभाग ने भी नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। जिले में पिछले साल प्लम की फसल आशा अनुरूप हुई थी, लेकिन इस साल मौसम की बेरुखी के कारण प्लम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। विशेषज्ञों के अनुसार फ्लावरिंग के दौरान प्लम के लिए तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस रहना चाहिए। लेकिन, इस अवस्था के दौरान कुल्लू में बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी से तापमान एकाएक लुढ़क जाने से प्लम के फूल मुरझा गए। कृषि विकास संघ के सचिव अमित ठाकुर, सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संघ के सचिव भुवनेश्वर ठाकुर और किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी का कहना है कि गत साल 70 प्रतिशत प्लम का उत्पादन हुआ था, लेकिन इस साल 65 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचा है। उनके बगीचों में प्लम की फसल बहुत कम नजर आ रही है। घाटी के बागवान राम महंत, चमन ठाकुर, रामनाथ, ज्ञान ठाकुर, रोशन, नवीन, मोहर सिंह, अखिल राणा, झाबे राम, अर्जुन महंत आदि ने बताया कि इस साल प्लम की फसल को मौसम ने काफी नुकसान पहुंचाया है। बागवानी अनुसंधान केंद्र बजौरा के सह निदेशक डॉ. जयंत कुमार ने कहा कि मौसम के बदले मिजाज से ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि फ्लावरिंग के दौरान बारिश और बर्फबारी होने पर परागण की प्रक्रिया नहीं हो सकी है। इससे यह समस्या पैदा हुई है। बागवानी विभाग कुल्लू के उपनिदेशक बीसी राणा ने कहा कि फसल के नुकसान का आकलन फील्ड स्टाफ द्वारा जल्द किया जाएगा। इसके लिए तमाम ब्लॉकों के बागवानी विकास अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।
