
श्रीनगर। चौरास झूला पुल पर पुलिस बल तैनाती के कमिश्नर के मौखिक निर्देशों का एक पखवाड़े बाद भी पालन नहीं हुआ। प्रशासनिक अफसर पुलिस पर इसकी जिम्मेदारी डाल रहे हैं, वहीं पुलिस अफसर निर्देश मिलने से इनकार कर रहे हैं। उधर, कमिश्नर सुवर्द्धन का कहना है कि पुल पर पुलिस तैनाती के मौखिक निर्देश दिए गए थे अब लिखित में देंगे।
कमिश्नर सुवर्द्धन 27 जुलाई को कीर्तिनगर के विकासखंड सभागार का लोकार्पण करने पहुंचे थे। उन्होंने गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर के निरीक्षण के बाद क्षतिग्रस्त स्टेडियम, गेस्ट हाउस, चौरास झूला पुल और क्षतिग्रस्त मोटर पुल के बारे में जानकारी ली थी। चौरास परिसर को जोड़ने वाले एकमात्र झूला पुल की जर्जर हालत पर चिंता जताते हुए कमिश्नर ने पुल के दोनों छोरों पर पुलिस बल तैनात करने के भी निर्देश दिए थे। एक पखवाड़े बाद भी इस पर कार्रवाई नहीं हुई है।
अलकनंदा के कटाव से पुल के सपोर्ट पिलर की नींव खोखली होने लगी है। ‘अमर उजाला’ ने 4 अगस्त के संस्करण में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। पुल पर आवाजाही से हादसे की आशंका बनी है। यहां अब तक पुलिस बल की तैनाती नहीं हो पाई है। एसडीएम कीर्तिनगर बृजेश कुमार तिवारी का कहना है कि कमिश्नर ने इसके लिए एसएचओ कीर्तिनगर को निर्देशित किया था, इसलिए यह उनकी जिम्मेदारी है। दूसरी ओर एसएचओ कीर्तिनगर एएस बिष्ट का कहना है कि उन्हें ऐसे कोई निर्देश अब तक नहीं मिले हैं। इस वजह से पुल पर सिपाहियों की तैनाती नहीं की गई।
कोट
अभी मौखिक निर्देश दिए थे, जल्द ही लिखित में जारी किए जाएंगे। चौरास झूला पुल पर सोमवार से पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। – सुवर्द्धन, गढ़वाल कमिश्नर
