
नई दिल्ली: विदेशों में जमा भारतीयों के काले धन को वापस लाने के लिए नवनिर्वाचित नरेंद्र मोदी सरकार ने अभी हाल ही में एक एसआईटी का गठन किया था। बावजूद इसके इन भारतीयों ने मोदी सरकार के इस आदेश को ठेंगा दिखा दिया है। काले धन के कारोबारियों में मोदी सरकार का जरा भी खौफ नहीं है, और स्विस बैंक में भारतीयों के जमा काले धन में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही हैं। सवाल ये है कि क्या इन लोगों को पता है कि सरकार की ये कोशिशें कामयाब नहीं होने वालीं? वे बिना किसी भय के अपना पैसा स्विस बैंकों में न सिर्फ जमा करवा रहे हैं बल्कि इसे लगातार बढ़ा भी रहे हैं।
स्विस सेंट्रल बैंक बीजेजेसी ने जानकारी दी है कि स्विस बैंकों में जमा भारतीय धन में 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। स्विट्जरलैंड के सेंट्रल बैंक ने जानकारी दी है कि वहां के बैंकों में भारतीयों का धन 40 फीसदी बढ़कर करीब 2.03 अरब स्विस फ्रैंक्स यानी लगभग 14000 करोड़ रुपये हो गया है।
देश की नवनिर्वाचित मोदी सरकार ने विदेशी बैंकों में जमा काले धन को वापस लाने के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाई है। देश की सभी प्रमुख जांच और खुफिया एजेंसियों के अध्यक्षों को मिलाकर बनी इस टास्क फोर्स को यह जिम्मेदारी दी गई है कि विदेशों में जमा भारतीयों के काले धन को कैसे वापस लाया जाय।
हम आपको बता दें कि इस लोकसभा चुनाव में विदेशों में जमा भारतीयों का काला धन स्वादेश लाना प्रमुख मुद्दा था। पिछले लगभग दो सालों से इस मुद्दे पर काफी चर्चा भी हो चुकी है, सत्ता परिवर्तन के बाद भी अभी तक कोई ठोस नतीजे सामने नहीं आये हैं।
सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही दायर याचिका की सुनवाई करते हुए सख्ती से केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि इस मामले में जल्द से जल्द कोई ठोस निर्णय लिया जाए। कोर्ट के इस आदेश पर अमल करते हुए मोदी सरकार ने एक स्पेशल फोर्स का गठन किया है। बावजूद इसके इन काले बाजार के कारोबारियों पर इसका को असर नहीं है।
