
शिमला। प्रदेश के सभी छोटे और बड़े कॉलेज मॉडल कॉलेज बनेंगे। इनमें विभाग की ओर से हर विषय मुहैया करवाया जाएगा। कॉलेज में किसी संकाय का विषय न होने पर दूरदराज के छात्र-छात्राओं को शहरों के कॉलेजों का रुख नहीं करना पडे़गा। अब हर कॉलेज में यह सुविधा दी जाएगी। रूसा के तहत हर कॉलेज में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय मुहैया करवाया जाएगा। इनके अलावा बीसीए और बीबीए से लेकर अन्य प्रोफेशनल कोर्स भी शुरू होंगे। शिक्षा विभाग का दावा है कि इससे निजी कॉलेजों और अन्य प्रोफेशनल शिक्षण संस्थानों को भी टक्कर दी जा सकेगी। प्रदेश में 66 कॉलेज सरकारी क्षेत्र और इतने ही कॉलेज निजी क्षेत्र में है। सरकारी कॉलेजों में जहां लैब की कमी या आधारभूत ढांचे का अभाव है, वहां शुरू में कला और वाणिज्य विषय ही शुरू किए गए हैं। भविष्य में इन कॉलेजों में भी आईटी लैब, रसायन और भौतिक विज्ञान की लैब, लाइब्रेरी, प्लेसमेंट सैल से लेकर पूरे आधारभूत ढांचे को विकसित किया जाएगा। इन कॉलेजों में आनलाइन लाइब्रेरी से लेकर अन्य सुविधाएं भी मुहैया करवाने की योजना है।
प्रदेश को मिलने हैं 100 करोड़
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत हिमाचल को 100 करोड़ कॉलेजों के लिए मिलने हैं। इस राशि का इस्तेमाल विभाग को कॉलेजों में अतिरिक्त सुविधाएं मुहैया करवाने पर खर्च करना अनिवार्य होगा। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा विभाग डा. अमर देव ने बताया कि कॉलेजों में छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए योजना तैयार की है। सरकार की मंजूरी के बाद ही इसे लागू किया जा सकेगा।
