
डीडीहाट। कैलास-मानसरोवर यात्रा पर निकले पहले दल के 51 यात्रियों का गुंजी में मेडिकल परीक्षण हो गया। चिकित्सकों ने सभी को आगे की यात्रा के लिए हरी झंडी दिखा दी है। विदेश मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद ही आगे की यात्रा शुरू हो सकेगी। स्वास्थ्य खराब होने से बूंदी में फंसे यात्रियों का स्वास्थ्य अब पहले से बेहतर है।
आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) सातवीं वाहिनी के सेनानी केदार सिंह रावत ने बताया कि 53 सदस्यीय पहले यात्रा दल के दो सदस्यों का स्वास्थ्य बूंदी में खराब हो गया था। इसी वजह से दोनों को वहीं पर रोका गया है। दोनों को यहां से सकुशल निकालने के लिए अभी तक हेलीकॉप्टर की व्यवस्था नहीं हो सकी है। गुंजी पहुंचे 51 सदस्यों का शुक्रवार को डा.हरजीत सिंह ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। सभी यात्री पूरी तरह से स्वस्थ पाए गए। बताया कि गुंजी से आगे अभी ताजी बर्फ गिरी हुई है। यात्रा मार्ग के निरीक्षण के लिए गए आईटीबीपी के जवानों की रिपोर्ट जल्द ही विदेश मंत्रालय को भेजी जाएगी। इसी के बाद यात्रियों को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।
