

राज्यपाल मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि इस मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है ! वीरभद्र सिंह ने कहा है कि राज्यपाल इस तरह की बैठक कर सकते हैं। बात का बतंगड़ बनाया जा रहा है। जानकारी लेने के लिए राज्यपाल अधिकारियों को पूछ सकते हैं। इसमें असंवैधानिक कुछ नहीं है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शनिवार को कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्यपाल संवैधानिक प्रमुख हैं। उनका अपना दायरा है और राज्य सरकार का अपना दायरा है।
राजभवन शिमला में तीन नवंबर को जो बैठक हुई है, उसके बारे में राज्यपाल ने उनसे चर्चा की थी। यह पूछने पर कि फिर इस विवाद को कौन खड़ा कर रहा है? इस पर सीएम बोले कि यह मीडिया ही कर रहा है। कांग्रेस के नेताओं की ओर से राज्यपाल के समानांतर सरकार चलाने के बयानों पर मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया नहीं दी।
सीएम के यू टर्न के बाद आक्रामक हुई भाजपा

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेसी नेताओं को राज्यपाल के खिलाफ पूर्व में की गई टिप्पणियों और बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। पिछले कुछ दिनों से जिस तरह कांग्रेस नेताओं ने अपने बयानों से राज्यपाल पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, वह वास्तव में निराशाजनक और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार था। जब स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा गलती स्वीकार की जा चुकी है तो कांग्रेस नेताओं को भी उनका अनुसरण करना चाहिए।
उधर, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष सुनील ठाकुर ने युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी बयानबाजी करने से पूर्व वह अपने ही परिवार में सलाह मशविरा कर लिया करें। राज्यपाल को नसीहत देने से पूर्व अपने आचरण और राज्यपाल पद की गरिमा का आकलन कर लें। जब उनके पिता और मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के खिलाफ दिए गए बयानों से यू टर्न ले लिया गया है तो उन्हें भी माफी मांग लेनी चाहिए।
