
श्रीनगर। परियोजना निर्माण के लिए जीवीके की ओर से भूमि के बदले मुआवजा का चेेक तो दिया गया, लेकिन वह बाउंस हो गया। अब 85 वर्षीय वृद्ध राम प्रसाद बहुगुणा ने अब कंपनी के खिलाफ कोर्ट जाने का मन बनाया है।
अस्वस्थता से जूझ रहे राम प्रसाद बहुगुणा मूल रूप से डुंग्री पंथ निवासी हैं और हाल में लखनऊ में रह रहे हैं। उनकी पैतृक भूमि जीवीके की ओर से बनाई जा रही श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के डूब क्षेत्र में शामिल है। कंपनी ने इनकी भूमि ली और बदले में उन्हें पांच लाख 70 हजार 875 रुपये मुआवजे का चेक दे दिया। चेक लेकर लखनऊ पहुंचे बुजुर्ग ने जब चेक जमा किया, तो कई दिनों तक उनके खाते में धनराशि नहीं पहुंची। उन्होंने मामले की जांच कराई तो पता चला जीवीके की ओर से पंजाब नेशनल बैंक के खाते का जो चेक दिया गया है उसमें पर्याप्त धनराशि न होने के कारण वह बाउंस हो गया है। चेक बाउंस होने से नाराज राम प्रसाद बहुगुणा ने मामले में कोर्ट जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह गैर कानूनी कदम है। कंपनी को ऐसा चेक किसी प्रभावित को नहीं देना चाहिए था। इस मामले को लेकर शीघ्र कोर्ट जाएंगे, ताकि किसी अन्य जरूरतमंद को ये सब न झेलना पड़े। वहीं बीते वर्ष भी जीवीके ने काम के बदले ठेकेदारों को चेक दिए थे जो बाउंस हो गए थे।
– अक्सर ऐसा होना असंभव है। यदि किसी प्रभावित को दिया गया चेक बाउंस हुआ है, तो इस संदर्भ में बातचीत की जाएगी, ताकि समस्या का समाधान किया जा सके। – संतोष रेड्डी, समन्वयक जीवीके कंपनी।
