
सरकाघाट (मंडी)। सरकाघाट की चार पंचायतों बरछवाड़, नबाही, हरीबैहना और सधोट में गर्मियों के चलते पेयजल संकट गहराने लगा है। इसके चलते लोगों को मीलों दूर से पीने का पानी लाना पड़ रहा है, जबकि कपड़े धोने और पशुओं को पानी पिलाने के लिए भी भारी परेशानी हो रही है। बरछवाड़ पंचायत के सरोही, बरछवाड़ व सूरजपर बाड़ में तो हालत यह है कि पानी सप्ताह में एक बार ही आ रहा है। प्राकृतिक जल स्रोत नजदीक न होने से लोगों को दूर से पानी लाना पड़ रहा है। वहीं नबाही पंचायत के तताहर व चम्याणु समेत कई गांवों में भी पेयजल संकट है। क्षेत्र की हरी बैहना पंचायत के नाल्टा और हरीबैहना में लोगों को तीसरे दिन पानी मिल रहा है। स्थानीय लोग साथ बहती सीर खड्ड में गड्ढे खोद कर पानी निकाल रहे हैं। इधर, क्षेत्र की सधोट पंचायत के बाहरू, धराशि जोल, आचार्य वस्त और मोरतन गांवों में पेयजल को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। सधोट के प्रधान कुलदीप ठाकुर, पूर्व उपप्रधान धर्म सिंह ठाकुर, रामचंद, परमानंद, बरछवाड़ निवासी दलजीत गुलेरिया, रामनाथ शर्मा, साली राम ठाकुर, जीवन लाल गुप्ता, अमरनाथ, जगदीश चंद तथा नबाही पंचायत के प्रधान प्रेमपाल ठाकुर ने आईपीएच विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की मांग की है। इधर, विभाग के सहायक अभियंता एमएल चौहान का कहना है कि भारी गर्मी के चलते क्षेत्र में पेयजल योजनाओं के स्रोत सूख गए हैं। इस कारण पेयजल आपूर्ति करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। अगर मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा तो प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर लगाए जाएंगे।
