
चंबा। उपायुक्त संदीप कदम ने बताया कि इस वर्ष मिंजर मेले में प्राचीन परंपरा को जीवित रखने के प्रयास किए जाएंगे। मेले के दौरान चंबा की संवेदनाओं, भावनाओं, रीति रिवाजों, सामाजिक व्यवस्थाओं, धार्मिक आस्थाओं और मानवीय अनुभूतियों का दर्शन करवाने के प्रयास किए जाएंगे। वे मिंजर मेला आयोजन को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में विभिन्न उप समितियों के संयोजकों ने मेला संबंधी अपनी कार्यशैली और तैयारियों का ब्योरा प्रस्तुत किया। उपायुक्त ने कहा कि मिंजर मेला के दौरान कोई भी वाहन चौगान में प्रवेश नहीं करेगा। उल्लंघनकर्ता पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सामान ढोने वाले छोटे बड़े वाहनों की पार्किंग की अस्थायी व्यवस्था पुलिस ग्राउंड बारगाह में की जाएगी। सभी दुकानदारों का दायित्व होगा कि वे सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखें और कचरा डालने के लिए डस्टबिन का प्रयोग करें। स्वास्थ्य विभाग खाद्य पदार्थों और पेयजल का नियमित रूप से निरीक्षण करेगा। मेला के दौरान कोई अनहोनी न हो इसके लिए आपदा प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की जा रही है। कला मंच के समीप नियंत्रण कक्ष में एक चिकित्सक, फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ 24 घंटे तैनात रहेगा। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग 24 घंटे मुस्तैदी से अपना दायित्व निभाएगा। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद लोगों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त बसों के रूट निर्धारित करने के लिए समिति समीक्षा करेगी। किसी भी स्थिति में ओवर लोडिंग न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग कड़ाई से आदेशों की पालना करेंगे। शहर को रंगीन सजावटी लाइटों से सजाया जाएगा। इस मौके पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार, एएसपी कुलवंत ठाकुर, एसडीएम बचन सिंह, सहायक आयुक्त दीप्ति कपूर, विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता मदन शर्मा और कनिष्ठ अभियंता नप अनिल गौतम उपस्थित रहे।
इन मुद्दों पर भी हुई चरचा
बैठक के दौरान अस्थायी दुकानों और स्टालों की सबलेटिंग रोकने, पास जारी न करने, यातायात लाइटों की मरम्मत और सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और स्वागत द्वार लगाने को लेकर भी चर्चा की गई।
